April 18, 2026

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कानपुर नगर 18 अप्रैल 26*संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा के अधिकार)  शिक्षा के अधिकार से वंचित करने वाले BSA को निलंबित करने कि मांग 

कानपुर नगर 18 अप्रैल 26*संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा के अधिकार)  शिक्षा के अधिकार से वंचित करने वाले BSA को निलंबित करने कि मांग 

कानपुर नगर 18 अप्रैल 26*संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा के अधिकार)  शिक्षा के अधिकार से वंचित करने वाले BSA को निलंबित करने कि मांग 

भारत के संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा के अधिकार) के तहत बच्चे को शिक्षा के अधिकार से वंचित करने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, कानपुर नगर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग (साक्ष्य मय शिकायत संलग्न).

 

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, कानपुर नगर द्वारा असंवैधानिक रूप से तानाशाही व गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए, अपने पद का दुरूपयोग कर, सरकारी पोर्टलों का इस्तेमाल करते हुए फर्जी, झूठी, आधारहीन, असंवैधानिक, सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ कर फर्जी आख्या प्रस्तुत करते हुए भारत के संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा के अधिकार) व अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन कर जानबूझकर सारी जानकारी होते हुए भी बच्चे को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया गया जिससे न सिर्फ जानबूझकर उसका सत्र खराब किया जा रहा है बल्कि उसका भविष्य भी बर्बाद किया जा रहा है.

शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार है जिसे राज्य सरकार व केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराना उनकी नैतिक व संवैधानिक जिम्मेदारी है जिसके लिए वे बाध्य है.

जिसे बेसिक शिक्षा अधिकारी के झूठी रिपोर्ट के कारण बच्चे को शिक्षा के अधिकारी से जानबूझकर वंचित किया गया. जिसकी विस्तृत शिकायत मय साक्ष्य संलग्र कर रहा हूँ.

आपसे निवेदन है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाये, इनके कार्यकाल व सहयोगी अधिकारियों के माध्यम से अब तक हुए RTE के तहत सभी एडमिशनों की जांच कराई जाये जिसमे अनियमितता पाए जाने की पूर्ण संभावना है.

चूंकि इनके द्वारा जनहित में व जनता के लिए कार्य ही नहीं किया गया जिसके लिए इन्हें नियुक्त किया गया है और जिसके लिए इन्हें सैलरी दी जाती है जो जनता के ही पैसों से आती है, अतः इन्हें सैलरी देय नहीं है, इसलिए ‘No Work No Pay’ के सिद्धांत पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, कानपुर नगर को अब तक दिए गए समस्त वेतन की वापसी /वसूली कराई जाये.

चूंकि काफी अनियमितताएं बरती जा रही है इनके कार्यकाल व इनके कार्यालय में सहयोगी अधिकारियों संग, इनकी व सहयोगी अधिकारियों की आय का स्रोत भी संदिग्ध मालूम पड़ता है. अतः इनकी व समस्त सहयोगी अधिकारियों की समस्त चल, अचल व बेनामी संपत्ति की जांच व आय से अधिक संपत्ति पाये जाने पर समस्त संपत्ति व अकाउंट सीज /फ्रीज कर सरकारी कोष में जमा करने की मांग (अन्यथा की स्थिति में सम्बंधित अधिकारी की संपत्ति कुर्क कर सरकारी कोष में जमा कराई जाये).

चूंकि बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी, कानपुर नगर को फर्जी रिपोर्ट प्रेषित की गयी थी, अतः जिलाधिकारी महोदय को भी तलब किया जाये कि क्यों उनके द्वारा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मामले में लगाई गयी फर्जी रिपोर्ट की जांच नहीं की गयी.

न्याय व अधिकार की आशा में.

सादर,

Taza Khabar