October 24, 2026

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पूर्णिया बिहार23 अक्टूबर 26*कोशी स्नातक चुनाव संपन्न, 14 जिलों में 52.51% मतदान;

पूर्णिया बिहार23 अक्टूबर 26*कोशी स्नातक चुनाव संपन्न, 14 जिलों में 52.51% मतदान;

पूर्णिया बिहार23 अक्टूबर 26*कोशी स्नातक चुनाव संपन्न, 14 जिलों में 52.51% मतदान; 27 अक्टूबर को खुलेगा प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा

मोहम्मद इरफान कामिल, ब्यूरो चीफ, यूपी आज़तक न्यूज़ चैनल, पूर्णिया डिवीजन बिहार

पूर्णिया, बिहार*

स्टेप 1: कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान संपन्न
बिहार से इस वक्त की बड़ी चुनावी खबर सामने आ रही है। कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मतदान शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। मतदान समाप्त होने के बाद अब प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें मतगणना पर टिक गई हैं। चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद सामने आएगा।

इस चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के बीच काफी समय से सरगर्मी बनी हुई थी। मतदान संपन्न होने के साथ ही चुनावी गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं का विश्वास किस प्रत्याशी के पक्ष में गया है और किसके सिर जीत का ताज सजेगा।

स्टेप 2: 14 जिलों में 52.51 प्रतिशत मतदान
कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 14 जिले शामिल हैं। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार इस क्षेत्र में 52.51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोशी में सबसे अधिक मतदान होने की जानकारी सामने आई है।
इस निर्वाचन क्षेत्र में सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, बांका और भागलपुर जिले शामिल हैं।

इन जिलों के स्नातक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हुए चुनावी प्रक्रिया में भाग लिया। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होता है। इसमें निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले पंजीकृत स्नातक मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए इस चुनाव में शिक्षित मतदाताओं की भागीदारी और उनकी प्राथमिकताओं को विशेष महत्व दिया जाता है।

स्टेप 3: चार प्रमुख प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
कोशी स्नातक सीट पर मुख्य मुकाबला चार प्रमुख प्रत्याशियों के बीच माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से मौजूदा विधान पार्षद डॉ. एनके यादव चुनाव मैदान में हैं। वहीं राष्ट्रीय जनता दल की ओर से नितेश रंजन, कांग्रेस की ओर से मनोज कुमार जायसवाल और जन सुराज पार्टी की ओर से रजनीश रंजन अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं।

डॉ. एनके यादव के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है, जबकि विपक्षी उम्मीदवार इस चुनाव में बदलाव की उम्मीद के साथ मैदान में उतरे हैं। राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के प्रत्याशियों की मौजूदगी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। वहीं जन सुराज पार्टी भी इस चुनाव में अपनी राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

जन सुराज पार्टी ने इस बार विधान परिषद की सभी आठ संबंधित सीटों पर उम्मीदवार उतारने की जानकारी दी है। ऐसे में चुनाव परिणाम केवल प्रत्याशियों की व्यक्तिगत जीत-हार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रभाव का संकेत भी दे सकते हैं।

स्टेप 4: एनडीए की बढ़त के समीकरण पर चर्चा
राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। मौजूदा विधान पार्षद डॉ. एनके यादव के अनुभव और पुराने चुनावी आधार को उनके पक्ष में एक महत्वपूर्ण कारक माना जा रहा है। दूसरी ओर विपक्षी दलों के उम्मीदवार भी अपनी जीत को लेकर आशान्वित हैं।

राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के अलग-अलग प्रत्याशी मैदान में होने से विपक्षी मतों के बंटवारे की संभावना बन सकती है। यदि ऐसा होता है, तो इससे एनडीए के उम्मीदवार को लाभ मिलने की संभावना पर चर्चा हो सकती है।

हालांकि, इन राजनीतिक समीकरणों के आधार पर किसी प्रत्याशी की जीत निश्चित नहीं मानी जा सकती। वास्तविक स्थिति मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी। मतदाताओं ने किस उम्मीदवार को प्राथमिकता दी है, इसका पता मतों की गिनती और लागू वरीयता प्रक्रिया के बाद ही चलेगा।

स्टेप 5: बैलेट पेपर और वरीयता के आधार पर होगी मतगणना
कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणामों को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होती है। इस प्रकार के चुनाव में मतपत्र और वरीयता आधारित मतदान प्रणाली लागू होती है।

इसलिए केवल मतदान प्रतिशत या शुरुआती राजनीतिक आकलन के आधार पर जीत-हार का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। मतगणना के दौरान निर्धारित नियमों के अनुसार मतों की जांच और गणना की जाएगी। इसी प्रक्रिया के बाद अंतिम परिणाम घोषित होगा।

27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और समर्थकों की निगाहें रहेंगी। परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किस प्रत्याशी को अपना प्रतिनिधि चुनने का निर्णय लिया है।
स्टेप 6: मनोनीत एमएलसी इरफान आलम ने क्या कहा?
इस चुनावी माहौल के

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