June 24, 2026

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पूर्णिया बिहार 2 मई 26 *कोसी-गंडक पर भारत-नेपाल में बड़ा समझौता: काठमांडू बैठक में सुलझे बरसों पुराने पेंच*

पूर्णिया बिहार 2 मई 26 *कोसी-गंडक पर भारत-नेपाल में बड़ा समझौता: काठमांडू बैठक में सुलझे बरसों पुराने पेंच*

पूर्णिया बिहार 2 मई 26 *कोसी-गंडक पर भारत-नेपाल में बड़ा समझौता: काठमांडू बैठक में सुलझे बरसों पुराने पेंच*

मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आज तक पूर्णिया डिविजन बिहार

*पूर्णिया बिहार ।* कोसी और गंडक नदी परियोजनाओं को लेकर भारत-नेपाल के बीच बड़ी कामयाबी मिली है। दोनों देशों की संयुक्त समिति (JCKGP) की 11वीं बैठक काठमांडू में सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। 30 अप्रैल से 01 मई तक चली दो दिवसीय बैठक में तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों पर खुलकर बात हुई और कई अहम फैसले लिए गए।

*कौन-कौन रहा मौजूद*

भारत की तरफ से बिहार के जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने अगुवाई की। नेपाल की ओर से जलस्रोत एवं सिंचाई विभाग के महानिदेशक मित्र बराल शामिल हुए। केंद्र और बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रतिनिधिमंडल में थे।

*क्या-क्या तय हुआ*
*अतिक्रमण से मिलेगी मुक्ति*: नेपाल ने पश्चिमी कोसी मुख्य नहर के 35 किमी हिस्से, कोसी बराज, पूर्वी-पश्चिमी तटबंध, एफ्लक्स बांध और वाल्मिकीनगर गंडक बराज क्षेत्र को जल्द अतिक्रमण मुक्त कराने पर हामी भरी।
*खंभे हटेंगे, राह आसान होगी*: पश्चिमी कोसी मुख्य नहर के बांध पर लगे बिजली के खंभे हटाए जाएंगे। इससे नहर की मरम्मत और देखरेख आसान हो जाएगी।
*बाढ़ से पहले तैयारी पक्की*: वीरपुर के कोसी वनटप्पू इलाके में 2026 की संभावित बाढ़ से पहले कटाव रोकने के लिए बालू, मिट्टी, सिल्ट के इस्तेमाल पर सहमति बनी।
*GPS से होगा सीमांकन*: कोसी परियोजना की लीज वाली जमीन का GPS तकनीक से समय सीमा में सीमांकन होगा।
*दिन-रात चलेगा काम*: बाढ़ रोधी कार्यों के लिए निर्माण सामग्री और गाड़ियों की 24 घंटे आवाजाही पर रोक नहीं होगी।
*कोसी बराज पर लगेगा ब्रेक*: बराज पर वाहनों की तेज रफ्तार रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
बाढ़ के दौरान कोसी में पानी बढ़ने पर स्थानीय लोगों के बराज पर लकड़ी चुनने और मछली मारने से होने वाली दिक्कतों पर भी चर्चा हुई।
दोनों देशों का मानना है कि इन फैसलों से बिहार-नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा घटेगा और सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी। बरसों से लटके मुद्दों पर बनी सहमति को बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।

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