May 4, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

पूर्णिया बिहार 2 मई 26* DPM तरुण कुमार जिंदगी की जंग हार गए, कैंसर ने छीन ली मुस्कुराती शख्सियत

पूर्णिया बिहार 2 मई 26* DPM तरुण कुमार जिंदगी की जंग हार गए, कैंसर ने छीन ली मुस्कुराती शख्सियत

पूर्णिया बिहार 2 मई 26* DPM तरुण कुमार जिंदगी की जंग हार गए, कैंसर ने छीन ली मुस्कुराती शख्सियत

मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आज तक पूर्णिया डिविजन बिहार

*पूर्णियां बिहार ।* जीविका पूर्णिया को एक ऐसी क्षति पहुंची है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी। जिले के पूर्व जिला परियोजना प्रबंधक तरुण कुमार का शनिवार को बेंगलुरु में निधन हो गया। पिछले 9 महीने से वे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली और जीविका परिवार को रोता-बिलखता छोड़ गए।

*3 साल में दी नई पहचान*
अगस्त 2022 में तरुण कुमार ने जीविका पूर्णिया में DPM के रूप में योगदान दिया था। महज तीन साल के छोटे से कार्यकाल में उन्होंने अपनी कर्मठता, ईमानदारी और मिलनसार स्वभाव से जीविका को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। दीदियों के बीच वे “तरुण सर” के नाम से लोकप्रिय थे। हर कर्मचारी पर एक समान नजर रखने वाले प्रशासक के रूप में उनकी अलग पहचान थी।

*कार्यालय में पसरा मातम, हुई शोक सभा*
तरुण कुमार के निधन की खबर मिलते ही शनिवार को जीविका जिला कार्यालय पूर्णिया में मातमी सन्नाटा पसर गया। कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जीविका के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों ने नम आंखों से उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

*”धैर्य की मिसाल थे तरुण बाबू”: ओम प्रकाश मंडल*
वर्तमान DPM ओम प्रकाश मंडल ने शोक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “तरुण बाबू जैसा धैर्य रखना बहुत मुश्किल है। 9 महीने तक कैंसर से लड़ते रहे, पर चेहरे की मुस्कान कभी नहीं खोई। उन्होंने हम सबको टीम की तरह जोड़े रखा। उनका जाना जीविका के लिए अपूरणीय क्षति है। हम उन्हें एक नेक, धीर और कर्मठ प्रशासक के रूप में हमेशा याद रखेंगे।”

*परिवार पर टूटा दुख का पहाड़*
शोक सभा में मौजूद पदाधिकारियों ने तरुण कुमार के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए। सबकी आंखें नम थीं। अपने पीछे तरुण कुमार अपनी पत्नी और एक नन्ही बेटी को छोड़ गए हैं। जीविका परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की।

जीविका की दीदियों से लेकर अधिकारी तक हर कोई आज खुद को अनाथ महसूस कर रहा है। कैंसर ने वक्त से पहले ही एक बेहतरीन इंसान को हमसे छीन लिया।

Taza Khabar