March 11, 2026

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कानपुर नगर29सितम्बर23*कानपुर का पंचम दीक्षान्त समारोह विश्वविद्यालय के पश्चिमी प्रांगण स्थित शताब्दी भवन में सम्पन्न हुआ।

कानपुर नगर29सितम्बर23*कानपुर का पंचम दीक्षान्त समारोह विश्वविद्यालय के पश्चिमी प्रांगण स्थित शताब्दी भवन में सम्पन्न हुआ।

कानपुर नगर29सितम्बर23*कानपुर का पंचम दीक्षान्त समारोह विश्वविद्यालय के पश्चिमी प्रांगण स्थित शताब्दी भवन में सम्पन्न हुआ।

हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय, कानपुर का पंचम दीक्षान्त समारोह विश्वविद्यालय के पश्चिमी प्रांगण स्थित शताब्दी भवन में सम्पन्न हुआ।

समारोह की अध्यक्षता मा0 कुलाधिपति/राज्यपाल उ0प्र0 आनन्दी बेन पटेल ने की। समारोह के मुख्य अतिथि प्रो0 के0के0 पंत, निदेशक, आई0आई0टी0, रूडकी, विश्वविद्यालय के मा0 कुलपति प्रो0 समशेर जी, कुलसचिव, प्रो0 एस0के0 शर्मा जी, एवं सभागार में उपस्थित विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, अधिकारी व कर्मचारीगण, मीडिया प्रतिनिधि एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित हुये।
मा0 कुलाधिपति/राज्यपाल द्वारा दो प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय, रामनगर, कानपुर देहात एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय सैरयां (कम्पोेजिट), कानपुर के 15-15 विद्यार्थियों को प्रेरणादायी पुस्तकें एवं फल वितरण किया गया।
मा0 राज्यपाल के द्वारा कुलाधिपति पदक केमिकल इंजी0 के छात्रों श्री अभिषेक ओझा को स्वर्ण पदक, सुश्री खुशी रस्तोगी को रजत पदक तथा सुश्री देवांशी तिवारी को काँस्य पदक प्रदान किये गये। समारोह में परम्परागत खेल प्रतियोगिता, काव्य लेखन, निबन्ध लेखन, चित्र कला, देशभक्ति गीत, लोकनृत्य जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। विश्वविद्यालय के नवोदित उपाधि धारकों एवं उनके शिक्षकों से प्राविधिक शिक्षा की उत्थान प्रक्रिया में सम्मिलित होकर गौरवान्वित होने तथा उपाधि प्राप्त करने वाले समस्त छात्र/छा़त्राओं के लिये भी यह एक महत्त्वपूर्ण क्षण था। उन्होनें विश्वविद्यालय को नेशनल रैंकिग में ही नहीं अपितु एशिया व विश्व रैंकिग में आने की अपेक्षा की।
इस अवसर पर मा0 राज्यपाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज के दीक्षान्त समारोह में मैडल व डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में लास्ट में जो कार्यक्रम हुआ है, जिसमें स्कूल के बच्चों को किताबें, बैग इत्यादि वितरित किये गये है। इससे बच्चों के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास किया गया है। यह बहुत आवश्यक है कि हम सरकारी विद्यालयों, ऑगनबाडी केन्द्रों में पढने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण व संस्कार युक्त शिक्षा प्रदान कराये। उन्होंने कहा कि आप सबने अब्दुल कलाम का नाम सुना होगा, उन्होने क्या-क्या काम किये इसके बारे में भी आप सब लोग जानते होंगे उनसे प्रेरणा ली होगी, इसके अतिरिक्त बहुत से ऐसे लोग है जिन्होंने इन्ही स्कूलों में पढकर सुविधाओं के अभाव में पढकर शिक्षा ग्रहण की और देश का नाम रोशन किया और आज ऐसे बडे-बडे काम कर रहे है। हमारे पास टैलेन्ट है और उस टैलेन्ट का उपयोग करना है, टैलेन्ट का उपयोग करने के लिये यह आवश्यक है कि गांव के बच्चे और विश्वविद्यालय के बच्चे आपस में जुड जाये, समय बदल रहा है हमे नयी-नयी टैक्नोलाजी सीखनी पडेगी और अध्यापकों को भी सीखनी पडेगी, हमें यह सोचना पडेगा की हम कैसे बदलाव ला सकते है। बदलती हुयी दुनिया के साथ हमें बदलना पडेगा तभी हम समय के साथ आगे बढ सकेंगे।
विश्वविद्यालय द्वारा महिला उत्थान कार्यक्रम की श्रृंखला में बाल मजदूरी विरोध दिवस, अन्तर्राष्ट्रीय बाल सुरक्षा दिवस, महिला उत्थान कार्यक्रम, विश्व पर्यावरण दिवस, विश्व जनसंख्या दिवस, चिकित्सक दिवस, अन्तर्राष्ट्रीय न्याय दिवस, बालिका दिवस इत्यादि अवसरों पर ग्रामीण क्षेत्रों के उन्नयन एवं महिला जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय ने ऊर्जा संरक्षण, किसान दिवस, प्रदूषण निवारण जैसे क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित कर सराहनीय योगदान दिया है। आत्मनिर्भर भारत बनने का तात्पर्य है कि हमारे देश को हर क्षेत्र में खुद पर ही निर्भर रहना होगा तथा जिसमें ‘वोकल फार लोकल’ सूत्र वाक्य को भी व्यवहार में लाना होगा। भारत को देश में ही हर वस्तु का निर्माण करना होगा। आत्म निर्भर भारत से अपने यहाँ के उद्योगों में सुधार लाना और युवाओं के लिए रोजगार, गरीबों के लिए पर्याप्त भोजन की व्यवस्था ही इस अभियान के मुख्य उद्देश्य है। इस दिशा में विश्वविद्यालयों को कार्य करने की अति आवश्यकता है। युवा पीढ़ी से अपील है कि लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गो के उत्थान हेतु आप कार्य करें, तभी हम राष्ट्रपिता महात्मा गॉधी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय एवं नाना जी देशमुख के सपनों ‘ग्राम उदय से भारत उदय’ को साकार कर पायेंगे।
विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति को सत्र 2022-23 से लागू कर दिया है। नई शिक्षा नीति का सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु है मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू होना। अभी यदि कोई छात्र तीन साल इंजीनियरिंग पढ़ने के बाद किसी कारणवश से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाता है तो उसको पहले कुछ भी हासिल नहीं होता था। लेकिन अब मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम में एक साल के बाद पढ़ाई छोड़ने पर सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल पढ़ाई पूरी करने पर डिग्री मिल सकेगी।
मुख्य अतिथि प्रो0 के0के0 पंत जी ने कहा कि मुझे इस दीक्षान्त समारोह में शामिल होकर अत्यन्त हर्ष की अनुभूति हो रही है। मैं 1987 में केमिकल इंजी0 एच0बी0टी0आई0, कानपुर का छात्र रहा हूॅ। मुझे हर्ष हो रहा है कि विश्वविद्यालय का सेवायोजन अच्छा है। इन्होंने बताया कि आज के युग में जीने और काम करने के लिये हमेशा तैयार रहने की जरुरत है। अपने जीवन को लम्बा और गतिशील बनाये रखने के लिये शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहने की आवश्यकता है।
मा0 कुलपति महोदय द्वारा विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षान्त समारोह के शुभ अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार व स्वयं की तरफ से हमारी मार्गदर्शक माननीया कुलाधिपति एवं राज्यपाल महोदया का हृदय से स्वागत, वन्दन एवं अभिनन्दन किया गया। आपके द्वारा प्रारम्भ किये गये सामाजिक सरोकार के कार्य यथा आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र, महिला सशक्तिकरण, सामूहिक विवाह का आयोजन, टी0बी0 को समाप्त करने का आंदोलन, सामाजिक शोधों के लिए कुम्भ अध्ययन केन्द्र तथा अतुल्य गंगा परियोजना एक आदर्श समाज के निर्माण में महत्त्वपूर्ण साबित होंगे। आज के शुभ अवसर पर मैं उन छात्र-छात्राओं को विशेषरूप से बधाई एवं शुभकामनायें देना चाहता हूँ, जो आज उपाधि धारण कर रहे हैं। देश एवं विदेश में इस विश्वविद्यालय के ध्वजवाहक हैं और मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप देश और समाज के विकास के कारक बनेंगे। हमारा विश्वविद्यालय उन चुनिन्दा तकनीकी विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसने पिछले 2 वर्ष पहले अपने 100 गरिमामयी वर्ष पूर्ण किये है। विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्य के अनुरूप देश को नॉलेज सुपर पावर बनाने के लिये अपने नवस्नातकों में जिज्ञासा, प्रयोग, कौशल एवं नवाचार का बीजारोपण कर रहा है। जिसके क्रम में नवाचार, उद्भवन, उद्यमिता प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा अपने स्टार्ट-अप नीति का निर्धारण किया जा चुका है। जिसमें विश्वविद्यालय से बाहरी लोग भी प्रतिभाग कर रहें है। इस वर्ष से विश्वविद्यालय द्वारा गणित विभाग में बी0एस0 और एम0एस0 पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये गये हैं। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा पोषित विभिन्न विधाओं एवं क्षेत्रों में शोध कार्य प्रगति पर है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा 2022-23 में 260 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय स्तर के जर्नल्स में प्रकाशित हुये हैं। राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय संगोष्ठियों में प्रतिभाग कर शोध पत्र प्रस्तुत किये जिसमें से 51 शोध पत्र कान्फ्रेन्स प्रोस्डिंग में भी प्रकाशित हुये। इसके अतिरिक्त विभिन्न संस्थानों में विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने 104 कार्यक्रमों में आंमत्रित व्याख्यान देकर अपने शोध ज्ञान का अन्य संस्थानों के साथ आदान प्रदान किया है। विगत वर्ष 2022-23 में शिक्षकों एवं विभागों केे कुल 10 अवार्ड/एचीवमेंटस प्राप्त हुये हैं तथा विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा 27 पेटेन्ट/कापीराइट्/आर0पी0आर प्रकाशित किये गये है, जिसमें विश्वविद्यालय में शोध एवं विकास की मजबूत स्थिति प्रतिविम्बित होती है। सत्र 2022-23 में विश्वविद्यालय ने शोध एवं विकास को गति देने के उद्देश्य से देश के अन्य शैक्षिक एवं शोध संस्थानों से 14 शोध एवं परामर्श परियोजनाऐं प्राप्त की। विश्वविद्यालय ने कई वित्तीय संस्थाओं मे वित्त पोषण के लिये प्रोजेक्टस जमा किये हैं। विश्वविद्यालय में 14 शिक्षकों एवं 05 प्रशासनिक पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हो चुॅकी है। नये शिक्षकों के आने से विश्वविद्यालय में नयी ऊर्जा के साथ शिक्षण तथा शोध में प्रगति अवश्याभावी है। राष्ट्रीय मूल्यान्कन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की विशेषज्ञ समिति द्वारा विश्वविद्यालय में 16-18 मई, 2023 को निरीक्षण किया था। तदोपरान्त विश्वविद्यालय को A+ एक्रीडिटेशन प्रदान किया गया है। विद्यार्थियों को सेवायोजन पैकेज अधिकतम 36 लाख प्रतिवर्ष तथा औसत वेतन 8.25 लाख प्रतिवर्ष रहा है। सत्र 2022-23 में 484 छात्रों का सेवायोजन हो चुका है तथा औसत सेवायोजन 84 प्रतिशत रहा और कई छात्रों को दो-दो आफर प्राप्त हुये। विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण लगभग 80 छात्र-छात्राओं द्वारा उच्च शिक्षा हेतु देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश लिया गया है। विश्वविद्यालय के छात्रों का गेट/कैट/जी0आर0ई0 के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन रहा है। शैक्षिक वर्ष 2022-23 में उत्तीर्ण 556 बी0टेक0, 41 एम0टेक0, 77 एम0सी0ए0, 08 एम0एस0सी0, 20 एम0बी0ए0 एवं 11 पी0एच0डी0 पाठ्यक्रम के कुल 713 छात्र-छात्राओं को आज उपाधि प्रदान की गयी है।
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