मुम्बई01जुलाई*प्रत्येक मनुष्य को उसके मौलिक अधिकार मिले-WHRO
मौसम के माध्यम से प्राकृति का बरसता प्रकोप हो या फिर हमारी ही गल्तियों से प्रदूषण जैसी समस्याएं। संपन्न व्यक्ति को एसी की ठंडक में समय गुजार लेता है, लेकिन क्या हाल होता है उस गरीब मजदूर का जिसे चौथी मंजिल पर ईंटों को लेकर जाना होता है। सड़क किनारे बैठकर जूतें रिपेयर करने है या फिर रेहड़ी लगाकर गली गली घूमना होता है। लेकिन इन सब मजबूरियों के बीच भी जब इंसान को उसका हक नहीं मिलता तो क्या महसूस होता होगा। शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार, न्याय का अधिकार, बराबरी का अधिकार जैसे ह्यूमन राइटस और मौलिक अधिकार उसे बेमानी लगने लगते हैं। उसके जीवन मे खुशहाली तब आएगी जब उसे भी अपने अधिकार मिलें और वह भी बराबरी का जीवन जी सके।
ऐसे ही मानव अधिकारों पर कार्य कर रहा है हमारा संगठन- WORLD HUMAN RIGHTS ORGANIZATION. आप भी जुडना चाहते हैं और संगठन के साथ मिलकर मानवता, समाज और देशसेवा करना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। डाक्यूमेंटस, सहयोग राशि, नियम शर्तें आदि की जानकारी के लिए वटसअप करें- 7011490810/WHRO

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