बिजनौर3दिसम्बर24*संपूर्ण न्याय व्यवस्था का भार इन ही काले कोट के कंधों पर है-रीता भुइयार।
बिजनौर से फ़हीम अख्तर की रिपोर्ट यूपीआजतक
भारत की सारी न्याय व्यवस्था अधिवक्ता के काम पर टिकी हुई है। इतना कहना अतिश्योक्ति नहीं है कि न्याय मिल ही इसलिए रहा है क्योंकि अधिवक्ता उपलब्ध है। अधिवक्ता न्यायालय के अधिकारी है, कभी कभी वह न्यायधीश से उच्च स्तरीय प्रतीत होतें क्योंकि संपूर्ण न्याय व्यवस्था का भार इन ही काले कोट के कंधों पर है। अगर अधिवक्ता न हो तो भारत की जनता को न्याय मिलना असंभव सा हो चले।✍️
वकीलों को अपनी गरिमा और सामाजिक प्रतिष्ठा को ज्यों की त्यों बनाए रखने के लिए अधिक परिश्रम करने चाहिए जिससे किसी भी प्रकार से यह विलक्षण और पवित्र वृत्ति दूषित और कलंकित नहीं हो।✍️
भारतभर के समस्त राज्यों में अधिवक्ता परिषद कार्यरत हैं। एसोसिएशन से वकीलों में एकजुटता बनी हुई है। वकीलों के भीतर मतभिन्नता है परंतु इतनी विविध मतभिन्नता के उपरांत भी वकीलों की एकता में कोई कमी नहीं है। अधिवक्ता एकता समाज में प्रसिद्ध है, वकील न्याय के साथ अपनी एकता के लिए भी जाने जातें हैं। वकीलों जैसी एकता पाने हेतु अन्य पेशे वकीलों को आदर्श की तरह प्रस्तुत करते हैं।✍️
*आप सभी को अधिवक्ता दिवस की हार्दिक बधाई*
सामाजिक चिंतक
एड रीता भुइयार
जनपद बिजनौर उप्र

More Stories
लखनऊ13जून26*लोहिया संस्थान का दीक्षांत समारोह 15 जून को होगा
लखनऊ13जून26**30 वर्षीय युवक मोहतशीम संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, पुलिस में शिकायत दर्ज,*
कानपुर नगर13जून26*रामनगर गांव के पास नहर और बंबा के बीच मानक विहीन उठाई जा रही मिट्टी ,