देहरादून 16 अप्रैल 26* यूपीआजतक न्यूज चैनल पर उत्तराखण्ड की कुछ महत्वपूर्ण खबरें
[16/04, 09:28] +91 81888 99938: उत्तराखंड ऋषिकेश। पुलिस ने तीर्थनगरी में अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। महिला के कब्जे से फर्जी भारतीय दस्तावेज समेत कई संदिग्ध कागजात बरामद किए गए हैं। पश्चिम बंगाल में फर्जी दस्तावेज तैयार कर भारतीय आधार कार्ड बनवाया गया है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने बताया कि क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाते हुए डग रोड स्थित गेट नंबर-03 के पास संदिग्ध महिला को पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ में महिला ने अपना नाम रीना उर्फ रीता निवासी जिला सरियातपुर, ढाका (बांग्लादेश) बताया।
महिला ने बताया कि वह करीब एक माह पूर्व रिपोन नामक व्यक्ति के माध्यम से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर उसे भारत में रोजगार दिलाने का लालच दिया गया था। इसके बाद 13 अप्रैल को दिल्ली से ऋषिकेश आने के लिए बस टिकट उपलब्ध कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि महिला के लिए पश्चिम बंगाल में फर्जी दस्तावेज तैयार कर भारतीय आधार कार्ड बनवाया गया था, जिसका उपयोग वह अपनी पहचान छिपाने के लिए कर रही थी।
पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ अवैध प्रवेश, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल एवं अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है। आरोपी महिला की पहचान रीना उर्फ रीता (24) निवासी गांव चोर्दुपुरिया शाकीमाली मातवर कांदी, थाना जजीरा, जिला सरियातपुर, ढाका डिवीजन, बांग्लादेश के रूप में हुई है। उसके कब्जे से बांग्लादेश का राष्ट्रीय पहचान पत्र, फर्जी भारतीय आधार कार्ड, नागरिकता प्रमाणपत्र की छायाप्रति बरामद की गई है।
[16/04, 09:30] +91 81888 99938: देहरादून। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बाजपुर शाखा में हुए करोड़ों रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) घोटाले में स्पेशल सीबीआई जज मदन राम की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए बैंक के पूर्व प्रबंधक रामवतार सिंह दिनकर को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं इस मामले में शामिल नौ कर्जदारों को भी एक-एक साल की कैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
यह घोटाला वर्ष 2014-15 में सामने आया था और बीते एक सप्ताह में इसी प्रकरण से जुड़े तीन मामलों में सीबीआई कोर्ट सजा सुना चुकी है, जिनमें हर बार रामवतार सिंह दिनकर को चार-चार साल की सजा मिली है।
सीबीआई के मुताबिक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक ने 31 मार्च 2017 को सीबीआई देहरादून शाखा में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बाजपुर शाखा के तत्कालीन मैनेजर रामवतार सिंह दिनकर ने केजीएन ट्रैक्टर्स एंड इक्विपमेंट्स और अन्य लोगों के साथ मिलकर बैंक में वित्तीय अनियमितताएं कीं।
जांच में सामने आया कि अपात्र लोगों को नियमों के विरुद्ध किसान क्रेडिट कार्ड, फसल ऋण और कृषि टर्म लोन वितरित किए गए। इतना ही नहीं, कृषि टर्म लोन जारी करते समय जरूरी मार्जिन मनी भी जमा नहीं कराई गई, जबकि पूरी ऋण राशि ट्रैक्टर डीलर केजीएन ट्रैक्टर के खाते में भेज दी गई और बाद में उसे अन्य कार्यों में खर्च कर दिया गया। इस घोटाले से बैंक को करीब 4.81 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
सीबीआई के अधिवक्ता अमरेंद्र सिंह ने बताया कि अदालत में कुल 33 गवाहों के बयान और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिनके आधार पर कोर्ट ने दोष सिद्ध मानते हुए फैसला सुनाया।
सजा पाने वाले कर्जदारों में दीदार सिंह, सतनाम सिंह, विनोद सिंह, इंदर प्रकाश सिंह, दीवान सिंह, मंगल सिंह, देवेंद्र सिंह, राजवंत सिंह और शेर सिंह शामिल हैं।
वहीं, इस मामले में आरोपी जागीर सिंह अदालत में पेश नहीं हुआ। बचाव पक्ष ने मौखिक रूप से कोर्ट को बताया कि उसकी सड़क हादसे में मौत हो चुकी है, लेकिन जब अदालत ने इसका प्रमाण मांगा तो कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इस पर अदालत ने जागीर सिंह के खिलाफ वारंट जारी कर दिया।
सीबीआई अधिवक्ता के अनुसार, इस प्रकरण में कुल 18 आरोपी थे, जिनमें से मोहम्मद फुरकान, जागीर सिंह, दर्शन सिंह, अंग्रेज सिंह और अमरीक सिंह पहले ही अपना अपराध स्वीकार कर चुके थे, जिसके चलते उन्हें अलग कर पहले सजा सुनाई जा चुकी है। जबकि लच्छू सिंह और अब्दुल रशीद की ट्रायल के दौरान मृत्यु हो गई थी।
[16/04, 09:33] +91 81888 99938: देहरादून। चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम के लिए 22 अप्रैल से शुरू होने वाली हेली सेवा की टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बुधवार शाम आईआरसीटीसी ने जैसे ही हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग पोर्टल खोला, महज एक घंटे के भीतर 15 जून तक की सभी टिकटें फुल हो गईं।
आईआरसीटीसी पोर्टल शाम 6 बजे खुला था। शुरुआत में भारी संख्या में लोगों के एक साथ लॉगिन करने से वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कतें आईं, लेकिन जल्द ही सिस्टम सामान्य होने के बाद टिकटों की बुकिंग तेज हो गई। देखते ही देखते 31,607 यात्रियों ने हेली टिकट बुक कर लीं और पूरा स्लॉट फुल हो गया।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि पहले चरण में 22 अप्रैल से 15 जून तक की यात्रा के लिए सभी टिकटों की बुकिंग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद की यात्रा के लिए अगले चरण की बुकिंग जून के पहले सप्ताह में खोली जाएगी।
केदारनाथ धाम के लिए इस बार गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित की जाएंगी। गुप्तकाशी से ट्रांस भारत और चिप्सन एविएशन, फाटा से यूनाइटेड हेली चार्टर्ड, रजस एयरोस्पोर्ट और पिलिग्रिमेज एविएशन, जबकि सिरसी से एरो एयरक्राफ्ट और हिमालयन हेली शटल सेवा संचालित करेंगी।
हेली टिकटों की रिकॉर्ड समय में बुकिंग से साफ है कि इस बार भी केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और यात्रा सीजन के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है
[16/04, 09:34] +91 81888 99938: देहरादून। निवेश के नाम पर जालसाजों ने ओएनजीसी से रिटायर्ड बुजुर्ग से करीब 1.87 करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना देहरादून में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साइबर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
राजेंद्र नगर कौलागढ़ रोड निवासी 70 वर्षीय दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वर्ष 2016 में ओएनजीसी से सेवानिवृत्त हुए थे। 31 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप संदेश आया, जिसके बाद खुद को निवेश सलाहकार बताने वाली एक महिला ने संपर्क किया। महिला ने खुद को आदित्य बिरला सन लाइफ से जुड़ा अधिकारी बताते हुए उन्हें एक निवेश योजना की जानकारी दी।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा, जहां शेयर ट्रेडिंग से जुड़े फर्जी मुनाफे और स्क्रीनशॉट दिखाकर भरोसा दिलाया गया। बाद में उन्हें एक वीआईपी ग्रुप में शामिल कर हाई नेटवर्थ ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने के लिए प्रेरित किया गया। आरोपियों ने खुद को अधिकृत बताते हुए एक कथित सेबी रजिस्ट्रेशन नंबर भी साझा किया।
शुरुआत में उन्होंने 49 हजार रुपये निवेश किए। खाते में दिख रहे फर्जी मुनाफे से प्रभावित होकर उन्होंने धीरे-धीरे अलग-अलग बैंक खातों से कुल एक करोड़, 17 लाख 64 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा आरोपियों ने ब्रोकरेज शुल्क के नाम पर 70 लाख रुपये और जमा कराए। इसके बाद जब उन्होंने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने पहले एक करोड़ रुपये ब्रोकरेज और फिर एक करोड़ रुपये आयकर के नाम पर जमा करने का दबाव बनाया।
इस पर उन्हें ठगी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में साइबर क्राइम थाना देहरादून में तहरीर दी। पीड़ित ने शिकायत में दीया मेहरा, अनन्या शास्त्री और खुद को प्रोफेसर ए. बालासुब्रमण्यम बताने वाले एक व्यक्ति सहित अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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