October 23, 2026

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मुजफ्फरनगर: 23 अक्टूबर 26* मंत्री कपिल देव अग्रवाल पर राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष आदित्य प्रहलाद पाहुजा ने लगाए आरोप,

मुजफ्फरनगर: 23 अक्टूबर 26* मंत्री कपिल देव अग्रवाल पर राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष आदित्य प्रहलाद पाहुजा ने लगाए आरोप,

मुजफ्फरनगर: 23 अक्टूबर 26* मंत्री कपिल देव अग्रवाल पर राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष आदित्य प्रहलाद पाहुजा ने लगाए आरोप,

एमएलसी चुनाव में पक्षपात का भी उठाया मुद्दा

लोकेन्द्र गौतम
ब्यूरो चीफ सहारनपुर मंडल, यूपीआजतक

मुजफ्फरनगर, । उत्तर प्रदेश में शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान मुजफ्फरनगर में राजनीतिक सरगर्मी के बीच राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य प्रहलाद पाहुजा ने प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई मंत्री या विधायक किसी राजनीतिक पार्टी का चीफ इलेक्शन एजेंट नहीं बन सकता। इसके साथ ही उन्होंने एमएलसी चुनाव में पक्षपात किए जाने का आरोप भी लगाया है।
आदित्य प्रहलाद पाहुजा ने चुनाव प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान सभी पक्षों को समान अवसर मिलना चाहिए। उनके आरोपों के बाद इस मामले में चुनाव नियमों और अधिकृत एजेंट की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल और समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के बीच एजेंट की भूमिका तथा समर्थकों की मौजूदगी को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के समर्थकों के आमने-सामने आने के बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई थी। सूचना पर जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्षों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। हालांकि, आदित्य प्रहलाद पाहुजा द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर प्रतिक्रिया भी इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं है। चुनाव में किसी व्यक्ति की पात्रता और एजेंट के रूप में उसकी भूमिका का निर्धारण संबंधित निर्वाचन नियमों एवं अधिकृत चुनाव अधिकारियों की जानकारी के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष क्या प्रतिक्रिया देते हैं और निर्वाचन अधिकारी चुनाव प्रक्रिया के संबंध में क्या स्पष्टीकरण देते हैं।