रीवा2जून2026*सरपंच-सचिव निगल गए सोलर लाइट-नाली व बाउंड्री बाल सहित कई योजनाएं*
*शिकायत के बाद भी जिला पंचायत सीईओ रीवा की भूमिका पर उठ रहे सवाल, हो रहे भ्रष्टाचार के बाद भी क्यों सीईओ जिला नही कर रहे कार्रवाई*
रीवा। रीवा जिले के जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कैथा एक बार फिर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में है। ग्राम पंचायत कैथा के प्रभारी सचिव महेश पटेल पर बिना कार्य कराए ही शासकीय राशि का आहरण करने और भारी वित्तीय हेराफेरी करने के गंभीर आरोप जांच में प्रमाणित प्रमाणित पाए गए हैं। इस संबंध में जनपद पंचायत गंगेव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) द्वारा जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद स्तर से त्वरित कार्रवाई के प्रस्ताव के बावजूद जिला पंचायत रीवा के वरिष्ठ अधिकारी इस संवेदनशील फाइल को दबाकर बैठे हुए हैं। ग्राम कैथा के निवासी चन्द्रभूषण पटेल द्वारा 18 मार्च 2026 को एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया गया था। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि प्रभारी सचिव महेश पटेल के कार्यकाल में व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। बिना धरातल पर कार्य कराए ही एकल खाते (Single Account) से सरकारी धनराशि का अवैध रूप से आहरण कर लिया गया। पूर्व में भी जिला पंचायत द्वारा कराई गई जांच में इस वित्तीय गबन की पुष्टि हो चुकी है, जिसके बाद जिला पंचायत रीवा और जनपद पंचायत गंगेव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा दोषी सचिव से राशि की वसूली भी की गई थी । इसके बावजूद, सचिव को पद से न हटाए जाने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं।
*जनपद CEO ने दिए थे त्वरित कार्यवाही के निर्देश*
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत गंगेव ने 23 मार्च 2026 को एक आधिकारिक पत्र (क्र०/३४७९/शिका०/ पंचा० / जन०पंचा० / २०२६) जारी किया था । इस पत्र के माध्यम से दो अधिकारियों की संयुक्त जांच टीम गठित की गई थी जिसमें तरूणेन्द्रशेखर पाण्डेय (PCO) एवं शुभम उपाध्याय (ADEO) को टीम में रखा गया था। CEO गंगेव का सख्त निर्देश:एल था का की “ग्राम पंचायत कैथा के द्वारा श्री महेश पटेल के कार्यकाल में एकल खाता से आहरित राशि एवं व्यय राशि की जांच कर वस्तु स्थिति का प्रतिवेदन इस कार्यालय में तीन दिवस के अन्दर प्रस्तुत करें ताकि यथोचित आवश्यक कार्यवाही की जा सके।” इस आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर रीवा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत रीवा को भी सादर सूचनार्थ भेजी गई थी ताकि उच्च स्तर पर भी कार्रवाई की जा सके।
*उच्च स्तर पर फाइल दबाने का आरोप*
स्थानीय स्तर पर और मामले से जुड़े पक्षों का आरोप है कि जनपद पंचायत गंगेव के CEO द्वारा सचिव महेश पटेल को ग्राम पंचायत कैथा से हटाने और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के बाद भी, फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। आरोप है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रीवा के कार्यालय में इस भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है और रसूख के चलते दोषी प्रभारी सचिव को संरक्षण दिया जा रहा है। प्रभारी सचिव महेश पटेल को हटाने के लिए एक लंबे समय से अनुशंसा पत्र जिला पंचायत सीईओ रीवा को प्रस्तावित किया जा चुका है लेकिन महीने भर से अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी कार्यवाही न किया जाना जिला सीईओ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण अब इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और दोषी सचिव को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने के लिए मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

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