April 21, 2026

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अयोध्या २१ अप्रैल २६*इंसानियत की मिसाल बने इसरार सलमानी और जुम्मन राइन

अयोध्या २१ अप्रैल २६*इंसानियत की मिसाल बने इसरार सलमानी और जुम्मन राइन

अयोध्या २१ अप्रैल २६*इंसानियत की मिसाल बने इसरार सलमानी और जुम्मन राइन

मुश्किल घड़ी में निभाया फर्ज से बढ़कर रिश्ता

भेलसर(अयोध्या)आज के दौर में जहां रिश्ते भी स्वार्थ के तराजू पर तौले जाने लगे हैं वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इंसानियत को सबसे ऊपर रखते हैं ऐसी ही एक मिसाल हाल ही में कस्बा रुदौली में देखने को मिली जहां दो युवक इसरार सलमानी और जुम्मन राइन ने मानवता और भाईचारे की ऐसी मिसाल पेश की जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार शहर के मोहल्ला शेखाना के बुजुर्ग इकबाल उर्फ बाबा ईद से एक दिन पहले अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गए उन्हें मुंह से खून आने लगा था और हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी आसपास मौजूद लोगों के अनुसार स्थिति बेहद चिंताजनक थी लेकिन इक़बाल बाबा अस्पताल जाने को तैयार नहीं थे इसी बीच इसरार सलमानी और जुम्मन राइन ने लगातार प्रयास किया कि उन्हें किसी तरह अस्पताल ले गए लेकिन इक़बाल बाबा अपनी जिद पर अड़े रहे परिजनों द्वारा भी समझाने की कोशिश की गई यहां तक कि बाहर रह रहे भतीजे जावेद तेली ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें इलाज के लिए मनाया मगर इक़बाल बाबा ने साफ शब्दों में कहा कि अब उनका समय पूरा हो चुका है और वे अनावश्यक खर्च नहीं करवाना चाहते हैं। इक़बाल बाबा की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई और अंततः 13 अप्रैल को सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जाता है कि उस समय उनकी स्थिति बेहद गंभीर थी और खून की उल्टियों के कारण हालात भयावह हो गए थे ऐसे कठिन और संवेदनशील समय में जहां कई करीबी लोग पास आने से भी कतराते नजर आए, वहीं इसरार सलमानी और जुम्मन राइन मजबूती से खड़े रहे इन दोनों ने न सिर्फ इक़बाल बाबा की देखभाल में पूरा सहयोग दिया बल्कि उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार तक की सभी जिम्मेदारियां निभाईं। चारपाई बदलने से लेकर ग़ुस्ल देने कफन पहनाने और कब्र में उतारने तक हर कार्य इन्होंने स्वयं किया यही नहीं अंतिम संस्कार में बाहर से आने वाले लोगों के लिए खाने का इंतजाम और तीजे के दिन आयोजित कुरानखानी में भी ये दोनों हर जिम्मेदारी निभाते नजर आए यह दोनों न सिर्फ सहारा बने बल्कि इंसानियत की सच्ची तस्वीर बन गए शहर के लोगों का कहना है कि आज के समय में जब अपने भी कई बार साथ छोड़ देते हैं ऐसे में इसरार सलमानी और जुम्मन राइन जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं इनकी यह सेवा और समर्पण निश्चित रूप से इंसानियत की एक जीवंत मिसाल है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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