March 18, 2026

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महोबा१८ मार्च २६ * हमीरपुर फसल बीमा घोटाला की SIT जांच की उठी मांग

महोबा१८ मार्च २६ * हमीरपुर फसल बीमा घोटाला की SIT जांच की उठी मांग

महोबा१८ मार्च २६ * हमीरपुर फसल बीमा घोटाला की SIT जांच की उठी मांग

सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता सीमा पटनाहा ने केंद्रीय मंत्री को दिया ज्ञापन

केंद्रीय मंत्री ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए दिया आश्वासन

फोटो,,,,,, केंद्रीय मंत्री को दिल्ली में मांग ज्ञापन देते सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह

महोबा से अजय कुमार विश्वकर्मा की रिपोर्ट यूपीआजतक

महोबा । जनपद महोबा और हमीरपुर जनपदों में हुए बहुचर्चित फसल बीमा घोटाले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर स्वरूप धारण कर लिया है। किसान नेताओं ने शुरू की मामले की निष्पक्ष जांच की मांग अब और तेज हो गई है। किसानों के हक में डाका डालने के मामले को लेकर महोबा निवासी सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी से मुलाकात कर विशेष जांच दल (SIT) के गठन की जोरदार मांग उठाई है।

सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री कार्यालय में करीब 30 मिनट से अधिक चली इस महत्वपूर्ण बैठक में सीमा पटनाहा सिंह ने घोटाले से जुड़े अनेक गंभीर तथ्यों को दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बड़े पैमाने पर सुनियोजित अनियमितताएं की गईं। वन विभाग की भूमि, बंजर क्षेत्र, तालाबों की जमीन तथा यहां तक कि शैक्षणिक संस्थानों की भूमि को भी फर्जी तरीके से कृषि योग्य दर्शाकर बीमा कराया गया और बाद में अवैध रूप से क्लेम निकाले गए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को एक संगठित आर्थिक घोटाला बताते हुए कहा कि इसमें विभिन्न स्तरों पर मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।

किसानों के अधिकारों पर आघात

सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर बताया कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे किसानों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रहार है।
उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करना है, लेकिन इस प्रकार के फर्जीवाड़े से वास्तविक लाभार्थी किसान वंचित रह जाते हैं। वर्षों से किसानों की फसलों के नाम पर बीमा की धनराशि किसानों को नहीं मिल पाती है।

जांच पर सवाल, किसानों में बढ़ता आक्रोश

सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर उठाई जांच की मांग दौरान बताया कि महोबा और हमीरपुर क्षेत्र के किसान लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर आंदोलनरत हैं। किसानों का आरोप है कि अब तक की जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और कार्रवाई महज औपचारिकता तक सीमित रही है। इससे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। स्थानीय असंतोष अब व्यापक जनआक्रोश का रूप लेता जा रहा है। किसान नेता अभी भी हक को लेकर आंदोलित है। जांच के नाम पर खाना पूर्ति की गई। ब्लाक चरखारी के ग्रामों में कई असरदार लोगो ने फर्जीवाड़ा करके किसानों के नाम पर बीमा राशि हड़प ली है।

SIT/CBI जांच सहित प्रमुख मांगें

सीमा पटनाहा सिंह ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—

1. प्रकरण की जांच तत्काल प्रभाव से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अथवा उच्चस्तरीय बहु-सदस्यीय SIT को सौंपी जाए।

2. जांच एजेंसी को सभी अभिलेखों, दस्तावेजों एवं संबंधित व्यक्तियों तक निर्बाध पहुंच एवं आवश्यक कानूनी अधिकार प्रदान किए जाएं।

3. सभी संलिप्त व्यक्तियों—सरकारी अधिकारी, बीमा एजेंट, बीमा कंपनियों के कर्मचारी एवं अन्य सहयोगियों—की भूमिका की गहन जांच कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

4. दोषियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता/भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों की संगीन एवं गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।

5. जांच एवं अभियोजन के लिए समयबद्ध (Time-bound) ढांचा निर्धारित किया जाए, ताकि मामले का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण हो सके।

फसल बीमा योजना में प्रस्तावित सख्ती

बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने फसल बीमा योजना में प्रस्तावित महत्वपूर्ण सुधारों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में किसानों को बीमा दावों के भुगतान में अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता है।

इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ऐसा प्रावधान लाने पर विचार कर रही है, जिसके तहत यदि फसल नुकसान का विवरण अपलोड होने के 15 दिनों के भीतर बीमा राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित बीमा कंपनियों को किसानों के खातों में प्रतिदिन के आधार पर ब्याज देना अनिवार्य होगा।

इस प्रस्ताव को किसानों के हित में जवाबदेही सुनिश्चित करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सीमा पटनाहा सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

SIT गठन पर सहमति, अब कार्रवाई पर नजर

लंबी और गंभीर चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री ने फसल बीमा घोटाले की जांच के लिए SIT गठन की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

हालांकि, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह आश्वासन कब तक जमीनी स्तर पर लागू होता है और क्या वास्तव में दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो पाती है।

Taza Khabar