लखनऊ 23दिसम्बर 25*विधान सभा मार्च में उमड़ा आशा वर्कर्स का हुजूम*
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👉*सरकार से नाराज आशा कर्मियों को चारबाग में रोका गया*
👉*सार्थक बातचीत ना होने तक जारी रहेगा आंदोलन*
*लखनऊ।* उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर 15 दिसम्बर से जारी हड़ताल के नौवें दिन विधान सभा मार्च के कार्यक्रम में हजारों आशा कर्मी प्रदेश भर में जगह जगह आशा नेताओं को उनके घरों में कैद करने , डराने धमकाने की प्रशासनिक कोशिशों और सरकार के दमनकारी रवैए का सामना करते हुए हजारों की संख्या में आशा कर्मियों ने पहुंचकर अपनी मांगो के प्रति दृढ़तापूर्वक प्रतिरोध किया।
आशा कर्मियों ने रेलवे स्टेशन पर ही एक सभा की ।जिसे संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने कहा कि हड़ताल से डरी सरकार दमन, उत्पीड़न पर उतारू हैं। पूरा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सेवा से बाहर करने की धमकी देकर आशा कर्मियों के आंदोलन को तोड़ने और कमजोर करने में लगा हुआ है और आज के कार्यक्रम को रोकने के लिए पुलिस बल का प्रयोग सरकार के वास्तविक चेहरे को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि दमन और उत्पीड़न से आंदोलन नहीं खत्म होते। उनके सवालों के हल के जरिए स्थिति को सामान्य बनाया जा सकता हैं। किंतु सरकार वार्ता तक करने को तैयार नहीं हुई तब आशा कर्मियों को हड़ताल में जाने के लिए बाध्य हुई। दमनात्मक तरीके अपनाकर हड़ताल को तोड़ देने के बजाय सरकार को समस्याओं के समाधान की पहल करनी चाहिए।ज्यादा विश्वास है।
राज्य सचिव अनीता वर्मा ने कहा कि यह लड़ाई वर्षों से सरकार द्वारा अनसुना करने और नौकरशाही , अपमान जनक शोषणकारी व्यवहार से उपजी हैं। बिना सवालों को हल किए सरकार कितने ही दमन के तरीके निकाले , बच नहीं सकती । उसे प्रदेश की 2 लाख आशा संगीनियों के सवाल सुनने होंगे।
जौली वैश्य ने कहा कि 50 रु ,75 रु में दुनिया कोई मजदूर कही भी मिलेगा क्या ? पर हम आशा कर्मी इस जानलेवा मंहगाई के दौर में इसी मजदूरी या मुफ्त की बेगार करने के लिए 20 वर्षों से विवश हैं । अगर काम के बदले जिंदा रहने भर पारिश्रमिक की मांग नाजायज है, तो सरकार खुद बताए कि 2000 रुपए में किस बाजार में जाकर हम महीने भर का राशन खरीदे, जिसे खाकर हम स्वास्थ्य विभाग के 72 कामो का टोकरा लेकर घूमती रहे।
भाकपा,(माले) केंद्रीय कमेटी सदस्य और अखिल भारतीय प्रगति शील महिला एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी ने कहा कि
सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव आया। और 7 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल से मुख्यमंत्री के विशेष सचिव के साथ वार्ता हुई। वार्ता के बाद उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी ने बताया कि आज वार्ता के जरिए एक शुरुआत हुई है। समस्याओं के निराकरण के लिए अगले चरण की वार्ता की तारीख तय की जाएगी। आज की बातचीत में मांगपत्र की सभी मांगों को प्रथम दृष्टया पूर्ण होने लायक मानते हुए सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि समाधान की तरफ बढ़ा जाएगा।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की राज्य सचिव ने कार्यक्रम का समापन करते हुए हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया और कहा कि जब तक अगले चरण की बातचीत नहीं होती और कोई निष्कर्ष नहीं निकलता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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