लखनऊ11सितम्बर23*इंस्पेक्टर – दरोगा की पीकैप बनी सुरक्षा का हथियार*
*अक्सर कई फोर व्हीलर्स में आगे शीशे के पास पुलिस की पीकैप रखी नज़र आती है*
*लखनऊ:* जब *सैंया भय कोतवाल तो डर काहे का…* उपरोक्त कहावत अक्सर लोगो की ज़ुबान पर सुनी जाती है !दरअसल मामला गंभीर है , अक्सर फोर व्हीलर में आगे शीशे के पास पुलिस की पीकैप रखी नज़र आती है ! अक्सर ऐसी गाड़ियों को पुलिस बिना चेक किये जाने देती है! संबंधित अफसर के घर-परिवार , रिश्तेदार, दोस्त-यार फोर व्हीलर्स में पीकैप रखकर टोल टैक्स या किसी भी तरह की *पुलिस चेकिंग से बचने के लिए करते* है और आसानी से पुलिस को चकमा देकर निकल जाते है ! *IPC की धारा -288 ( झूठ-मूठ का लोकसेवक बनना )* जो कि एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है ! *आज* चारबाग़ में ट्रैफिक *पुलिस के द्वारा ऐसी ही तीन फोर व्हीलर का चालान डायरेक्शन टू लॉ धारा – 179 के अंतर्गत किया गया* जो सीतापुर, कानपुर बरेली की थी ! पकड़े जाने पर *किसी ने खुद को इंस्पेक्टर-दरोगा का रिश्तेदार बताया तो किसी ने कहा मेरे दोस्त हैं!*

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