महोबा8मई26*मरम्मत के लिए खाली होगा मौदहा बांध
चरखारी से सादिक इस्लाम इस्लाम की रिपोर्ट
महोबा*15 मई तक 139.70 मीटर खाली होगा बांध’ मौदहा बांध की सुरक्षा के लिए जारी नोटिस के बाद चेता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग
(आज समाचार सेवा)
चरखारी (महोबा) 8 मई। मानसून का मौसम शुरू होने से पहले, केंद्र सरकार के उत्तर प्रदेश सरकार को ‘बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021’ के प्रावधानों का पालन न करने के लिए एक कारण बताओ नोटिस के बाद जल शक्ति मंत्रालय ने सिंचाई विभाग को कठोर चेतावनी जारी होने पर अब सिंचाई एवं जल संसाधान विभाग द्वारा मौदहा बांध यांत्रिक संयंत्रों’ गेट अनुरक्षण एवं जीर्णोद्धार के आदेश जारी किए गए हैं जिसमें 15 मई तक 139.70 मीटर पानी खाली किया जाएगा।
बताते चलें कि हमीरपुर जनपद तथा खरेला थाना क्षेत्र से सटे वर्मा नदी पर मौदहा बांध का निर्माण 1976–77 से प्रारम्भ होकर 1999 में पूर्ण हुआ था जिसे पूरा होने में लगभग 21 से 23 वर्ष का समय लगा। 27 वर्ष से निरन्तर सिंचाई के लिए उपयोग में आने वालें बांध की स्थिति वर्तमान में खतरनाक स्थिति में पहुंच गयी है जहां बांध से सीपेज होने के कारण जल शक्ति मंत्रालय ने इसे खतरनाक घोषित किया है। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ‘राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण’ ने उत्तर प्रदेश के सिंचाई और जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ और विभागाध्यक्ष को इन चिंताओं को दूर करने का निर्देश दिया है। मौदहा बांध में लगातार रिसाव हो रहा है, जिससे ‘पाइपिंग’ और आंतरिक कटाव का खतरा बढ़ जाता है। यदि स्थिति को ठीक से नियंत्रित नहीं किया गया, तो इससे बांध की संरचना को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है। उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि बांध में अभी भी भारी रिसाव और सुरक्षा से जुड़ी अन्य कमियां बनी हुई हैं। इनमें निगरानी प्रणालियों, स्पिलवे (अतिरिक्त जल निकासी मार्ग), हाइड्रो-मैकेनिकल घटकों, जल निकासी व्यवस्था और बांध की ऊपरी सतह के कुछ हिस्सों में धँसाव जैसी समस्याएं शामिल हैं। रिपोर्टों से यह भी संकेत मिलता है कि बांध से होने वाले रिसाव का असर बांध के निचले हिस्से में स्थित आस-पास की कृषि भूमि पर भी पड़ रहा है। पिछले कई वर्षो से इसमें सुधार की आवश्यकता है जिसे एनडीएसए ने गहन निगरानी और सुधारात्मक कार्यवाही की आवश्यकता पर बल दिया है। एनडीएसए ने 3 मार्च 2026 को मुख्य अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग लखनऊ को नोटिस जारी करते हुए सुरक्षा प्रबंध दुरूस्त किए जाने के निर्देश जारी किए गए थे लेकिन प्रदेश के अधिकारियों ने केन्द्रीय कार्यालय से मिले नोटिस को संज्ञान में लेते हुए सुरक्षा जैसे मामले को ठण्डे बस्ते में डाल दिया था लेकिन केन्द्रीय कार्यालय के निर्देश पर अब प्रदेश के संयुक्त सचिव उ.प्र. शासन रमाकान्त वर्मा ने प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग लखनऊ की संस्तुति पर क्लोजर के विषय में प्रयाप्त प्रचार प्रसाद कर जनप्रतिनिधियों को सूचति करते हुए 1 मई से 15 मई तक पानी निकालते हुए 15 जून तक अनुरक्षण एवं जीर्णो द्धार आदि कराए जाने का निर्णय लिया है। इस दौरान मौदहा बांध के डेड स्टोरेज 139.70 मीटर क्षमता 21.0 एमसीएम तक पानी खाली किया जाना है।

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