पूर्णिया16मई26*विधायक के बयान पर बवाल, शेरशाहबादी समाज ने की कार्रवाई की मांग*
मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आजतक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डिविजन बिहार से
पूर्णिया*संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 का हवाला, कहा- ‘बयान से सामाजिक सौहार्द को खतरा’_
_ठाकुरगंज विधायक पर भड़काऊ टिप्पणी का आरोप, चुनाव आयोग से शिकायत की तैयारी_
सीमांचल की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर बवाल मच गया है। ठाकुरगंज-53 के विधायक पर शेरशाहबादी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। समाज के लोगों ने विधायक की भाषा को संविधान विरोधी बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
*पूर्णियां बिहार :* माननीय विधायक द्वारा दिए गए हालिया बयान पर शेरशाहबादी समुदाय और सीमांचल के लोगों में भारी आक्रोश है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि विधायक की भाषा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार, अनुच्छेद 15 धर्म, जाति, जन्म-स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध, अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर तथा अनुच्छेद 21 व्यक्तिगत जीवन और गरिमा का अधिकार की भावना के विपरीत है।
*’वैमनस्य फैलाने वाला बयान’*
शिकायत पत्र में कहा गया है कि इस प्रकार का सामूहिक और अपमानजनक आरोप भारतीय दंड संहिता और भारतीय न्याय संहिता के उन प्रावधानों के तहत भी दंडनीय है, जो विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, सामाजिक शत्रुता उत्पन्न करने और सार्वजनिक शांति भंग करने से संबंधित हैं।
*’पहले भी लगा चुके हैं आरोप’*
समाज के लोगों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। वर्तमान ठाकुरगंज-53 के विधायक पूर्व में भी शेरशाहबादी समुदाय के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणियां और निराधार आरोप लगाते रहे हैं। उन पर लगातार दूसरे समुदाय को शेरशाहबादियों के खिलाफ भड़काने का आरोप है, जिससे इलाके में हिंसा उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
*’भावनाएं आहत, भय का माहौल’*
बयान से शेरशाहबादी समुदाय और सीमांचल क्षेत्र के लोगों की भावनाएं गंभीर रूप से आहत हुई हैं। समाज में भय, असुरक्षा और आक्रोश का वातावरण उत्पन्न हो गया है, जो सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताया जा रहा है।
*कड़ी कार्रवाई की मांग*
समुदाय की ओर से प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित जनप्रतिनिधि के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि देश के दूसरे समुदायों की तरह शेरशाहबादी समुदाय की गरिमा, सम्मान, सामाजिक प्रतिष्ठा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हो सके।
बताया जा रहा है कि इस संबंध में जल्द ही चुनाव आयोग और वरीय अधिकारियों को संबंधित पत्र की प्रति के साथ शिकायत सौंपी जाएगी। मामले को लेकर सीमांचल में सियासी तापमान बढ़ गया है।

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