अरावली २१ दिसंबर २५ *अरावली को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या है? ….
अरावली को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या है?
सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले के बाद अरावली पहाड़ियों को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है और लोग सड़कों पर उतरकर #SaveAravalli अभियान चला रहे हैं
सुप्रीम कोर्ट का आदेश-
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि
100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को स्वतः (अपने आप) जंगल नहीं माना जाएगा।
इसका मतलब यह है कि ऐसी पहाड़ियों को “फॉरेस्ट” घोषित करने के लिए अलग से कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया जरूरी होगी।
विवाद क्यों?
अरावली पर्वतमाला देश की सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में से एक है और यह हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और गुजरात तक फैली हुई है।
पर्यावरणविदों का कहना है कि
इस आदेश से अरावली क्षेत्र में खनन, निर्माण और अतिक्रमण का खतरा बढ़ सकता है
वन संरक्षण कानूनों की पकड़ कमजोर हो सकती है
भूजल स्तर, जैव विविधता और प्रदूषण नियंत्रण पर नकारात्मक असर पड़ेगा
लोग सड़कों पर क्यों उतरे?
फैसले के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं। सोशल मीडिया पर #SaveAravalli ट्रेंड कर रहा है। लोगों की मांग है कि
अरावली को मजबूत कानूनी सुरक्षा मिले
खनन और अवैध निर्माण पर सख्त रोक लगे
पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता दी जाए
इस फैसले को लेकर अब कानूनी और पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर बहस जारी है, और आने वाले दिनों में इस पर और स्पष्टता या पुनर्विचार की मांग तेज हो सकती है।

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