सुल्तानपुर24मई26*16 साल बाद फिर जगी कानूनगो रामकुमार यादव के परिजनों को इंसाफ की उम्मीद
👉 2010 के चर्चित हत्याकांड में निचली अदालत के फैसले को दी चुनौती, हाईकोर्ट ने तलब किया रिकॉर्ड
सुल्तानपुर/लखनऊ। धनपतगंज ब्लाक में वर्ष 2010 में हुई बहुचर्चित कानूनगो रामकुमार यादव हत्याकांड मामले में अब पीड़ित परिवार को न्याय की नई उम्मीद जगी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मामले में दाखिल अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत का पूरा अभिलेख (LCR) तलब किया है।
खबर पीड़ित परिवार की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई। गौरतलब है कि, वर्ष 2010 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दौरान चुनावी रंजिश में धनपतगंज ब्लाक के मझवारा निवासी कानूनगो रामकुमार यादव की अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप तत्कालीन बसपा विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई व धनपतगंज के ब्लाक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू पर लगा था। मामले की सुनवाई फैजाबाद जिला अदालत में हुई। मृतक की पत्नी व मझवारा की प्रधान एवं जिला पंचायत सदस्य रहीं कमला यादव के अनुसार सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों पर समुचित विचार किए बिना आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इसके बाद मृतक की पत्नी ने वर्ष 2016 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में धारा 378 सीआरपीसी के तहत अपील दाखिल की। परिवार का आरोप है कि करीब दस वर्षों तक आरोपी पक्ष ने धनबल और प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबाए रखा, जिससे सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
अब हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा अपील स्वीकार किए जाने और लोअर कोर्ट रिकॉर्ड तलब करने के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने की उम्मीद जताई है। परिवार का कहना है कि “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं” और न्याय की लड़ाई अभी जारी रहेगी। ज्ञातव्य है कि, यह मामला धारा 378 सीआरपीसी के तहत दाखिल आपराधिक अपील संख्या- 64/2016 के रूप में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में विचाराधीन है।
रामकुमार यादव के परिजनों को इंसाफ की उम्मीद
👉 2010 के चर्चित हत्याकांड में निचली अदालत के फैसले को दी चुनौती, हाईकोर्ट ने तलब किया रिकॉर्ड
सुल्तानपुर/लखनऊ। धनपतगंज ब्लाक में वर्ष 2010 में हुई बहुचर्चित कानूनगो रामकुमार यादव हत्याकांड मामले में अब पीड़ित परिवार को न्याय की नई उम्मीद जगी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मामले में दाखिल अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत का पूरा अभिलेख (LCR) तलब किया है।
खबर पीड़ित परिवार की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई। गौरतलब है कि, वर्ष 2010 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दौरान चुनावी रंजिश में धनपतगंज ब्लाक के मझवारा निवासी कानूनगो रामकुमार यादव की अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप तत्कालीन बसपा विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई व धनपतगंज के ब्लाक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू पर लगा था। मामले की सुनवाई फैजाबाद जिला अदालत में हुई। मृतक की पत्नी व मझवारा की प्रधान एवं जिला पंचायत सदस्य रहीं कमला यादव के अनुसार सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों पर समुचित विचार किए बिना आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इसके बाद मृतक की पत्नी ने वर्ष 2016 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में धारा 378 सीआरपीसी के तहत अपील दाखिल की। परिवार का आरोप है कि करीब दस वर्षों तक आरोपी पक्ष ने धनबल और प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबाए रखा, जिससे सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
अब हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा अपील स्वीकार किए जाने और लोअर कोर्ट रिकॉर्ड तलब करने के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने की उम्मीद जताई है। परिवार का कहना है कि “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं” और न्याय की लड़ाई अभी जारी रहेगी। ज्ञातव्य है कि, यह मामला धारा 378 सीआरपीसी के तहत दाखिल आपराधिक अपील संख्या- 64/2016 के रूप में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में विचाराधीन है।

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