February 19, 2026

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लखनऊ 18 फ़रवरी 26*कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान (KSSSCI) की 12वीं शासी निकाय की बैठक सम्पन्न*

लखनऊ 18 फ़रवरी 26*कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान (KSSSCI) की 12वीं शासी निकाय की बैठक सम्पन्न*

लखनऊ 18 फ़रवरी 26*कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान (KSSSCI) की 12वीं शासी निकाय की बैठक सम्पन्न*

*बैठक में संस्थान के समग्र विकास, अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं के विस्तार तथा कैंसर रोगियों को विश्वस्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने से संबंधित लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय*

*प्रोटॉन बीम थेरेपी, क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर, बटेली-रेडियोलॉजी सेवाओं की स्थापना को मिली मंजूरी*

*एडवांस्ड मॉलिक्यूलर लैब तथा सेंटर फॉर एडवांस मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च फॉर कैंसर द्वारा की जाने वाली विभिन्न लैब जांचों की दरें स्वीकृत*

*पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (PBCR) को क्रियान्वित करने का प्रस्ताव मंजूर*

*ऑन्को-पैथोलॉजी में पोस्ट-डॉक्टरल सर्टिफिकेट कोर्स (PDCC), गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में M.Ch. पाठ्यक्रमों को मिली स्वीकृति*

*संस्थान के विभिन्न विभागों में 31 अतिरिक्त फैकल्टी पदों तथा 78 सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट पदों को मिली मंजूरी*

*दिनांक : 18 फरवरी, 2026*

*लखनऊ:* मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में
कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान (KSSSCI) की 12वीं शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संस्थान के समग्र विकास, अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं के विस्तार तथा कैंसर रोगियों को विश्वस्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान संस्थान में *प्रोटॉन बीम थेरेपी* की स्थापना हेतु अनुमति प्रदान की गई। यह कैंसर उपचार की एक उन्नत रेडियोथेरेपी तकनीक है, जिसमें प्रोटॉन कणों के माध्यम से ट्यूमर को अत्यंत सटीकता के साथ लक्षित किया जाता है। यह तकनीक विशेष रूप से बच्चों में होने वाले कैंसर, मस्तिष्क, सिर एवं गर्दन, स्पाइनल तथा प्रोस्टेट जैसे संवेदनशील अंगों के ट्यूमर के उपचार में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है। इससे स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम क्षति पहुंचती है तथा दुष्प्रभावों में कमी आती है।
इसके अतिरिक्त, बैठक में *क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर* की स्थापना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। यह केंद्र अत्यंत जटिल एवं उन्नत कैंसर उपचार के लिए समर्पित होगा, जहां अत्याधुनिक तकनीक, उच्चस्तरीय विशेषज्ञता तथा बहुविषयक चिकित्सीय टीम एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। इससे सटीक निदान, समग्र देखभाल तथा रोगियों की जीवन-गुणवत्ता और जीवित रहने की संभावना में उल्लेखनीय सुधार होगा।
रेडियोडायग्नोसिस विभाग में *टेली-रेडियोलॉजी सेवाओं* को भी मंजूरी प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे एवं डिजिटल मैमोग्राफी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बैठक में *एडवांस्ड कैंसर रिसर्च सेंटर* की स्थापना, *एडवांस्ड मॉलिक्यूलर लैब* तथा *सेंटर फॉर एडवांस मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च फॉर कैंसर* द्वारा की जाने वाली विभिन्न लैब जांचों की दरों को भी स्वीकृति दी गई। इन सुविधाओं से कैंसर की सटीक एवं प्रारंभिक पहचान संभव होगी, जिससे पर्सनलाइज्ड उपचार, लक्षित थेरेपी, बेहतर उपचार परिणाम, कम दुष्प्रभाव, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और संस्थान में विश्वस्तरीय कैंसर देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी।
*पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (PBCR)* को क्रियान्वित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे लखनऊ एवं पूरे प्रदेश में कैंसर के वास्तविक बोझ तथा कैंसर-जनित मृत्यु दर का सटीक आकलन किया जा सकेगा।
शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को सुदृढ़ करने हेतु ऑन्को-पैथोलॉजी में पोस्ट-डॉक्टरल सर्टिफिकेट कोर्स (PDCC), गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में M.Ch. पाठ्यक्रमों को स्वीकृति दी गई।
इसके साथ ही सर्जिकल, गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, एनेस्थिसियोलॉजी, पैथोलॉजी, कैंसर जेनेटिक्स तथा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागों में 31 अतिरिक्त फैकल्टी पदों तथा 78 सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट पदों की मंजूरी प्रदान की गई। संस्थान में Ph.D. नियमावली एवं विनियमों को भी स्वीकृति दी गई, जिससे कैंसर अनुसंधान को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री अमित कुमार घोष, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ० सारिका मोहन सहित, संस्थान के निदेशक डॉ० एम०एल०भी०भट्ट, एक्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार डॉ० आयुष लोहिया, सीएमएस डॉ० विजेंद्र कुमार, एमएस डॉ० वरुण विजय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थिति थे।
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