May 17, 2026

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पूर्णिया17मई26*38वें बिहार राज्य किसान सभा जिला सम्मेलन में 21 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन;

पूर्णिया17मई26*38वें बिहार राज्य किसान सभा जिला सम्मेलन में 21 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन;

पूर्णिया17मई26*38वें बिहार राज्य किसान सभा जिला सम्मेलन में 21 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन;

मिथलेश सिंह बने अध्यक्ष और गुड्डू महतो सचिव चुने गए।

पूर्णिया बिहार से मो0 इरफान कामिल की रिपोर्ट यूपीआजतक

पूर्णिया*बिहार राज्य किसान सभा का 38वां जिला सम्मेलन पूर्णियाँ के कटिहार मोड़ के शहीद कॉमरेड अजीत सरकार नगर’ स्थित मंगलम भवन में अत्यंत उत्साह और संकल्प के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में देश और संगठन के लिए शहीद हुए कामरेडों को नमन करते हुए दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में पर्यवेक्षक के रूप में अखिल भारतीय किसान सभा के केंद्रीय संयुक्त सचिव कामरेड अवधेश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान संगठन की नई मजबूती के लिए 21 सदस्यीय बिहार राज्य किसान सभा, पूर्णियाँ की जिला कमेटी का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। जिसमे कॉमरेड मिथलेश सिंह उर्फ विशो सिंह को अध्यक्ष तथा कामरेड गुड्डू महतो को सचिव निर्वाचित किया गया।
अध्यक्ष मंडली (जिसमें कामरेड मिथिलेश सिंह,कामरेड सूरज चौहान, कामरेड सुधीलाल मुंडा, कामरेड लुकमान, कामरेड बालेश्वर मंडल, कामरेड चंदन उरांव शामिल थे) और संचालन समिति (कामरेड गुड्डू महतो, राजीव सिंह, कामरेड सुदीप सरकार) की देखरेख में सम्मेलन की कार्यवाही आगे बढ़ी।
नेताओं ने वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश अभूतपूर्व आर्थिक संकट, कमरतोड़ महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के दौर से गुजर रहा है। केंद्र सरकार की नीतियों के कारण किसान-मजदूरों की जिंदगी पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी साम्राज्यवाद की नीतियों और उसके खिलाफ समाजवादी ताकतों के प्रतिरोध का भी जिक्र किया।
नेताओं ने याद दिलाया कि पूर्णियाँ जिला किसान आंदोलन और भूमि संघर्षों की ऐतिहासिक धरती रही है। कामरेड शहीद अजीत सरकार और कामरेड नक्षत्र मालाकार के नेतृत्व में यहाँ बड़े भू-स्वामियों के चंगुल से जमीन मुक्त कराकर गरीबों व भूमिहीनों को मालिकाना हक दिलाया गया था। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और किसान सभा आज भी उन बसाए गए गरीबों को बेदखल करने की साजिशों के खिलाफ लगातार प्रतिरोध कर रही है।
मेहनतकश किसानों और मजदूरों की जर्जर हालत को सुधारने के लिए सम्मेलन में सर्वसम्मति से निम्नलिखित मांगें उठाई गईं:
किसानों की फसलों के उत्पादन का उचित और लाभकारी मूल्य तय किया जाए।
किसानों को उचित मूल्य पर उत्तम खाद एवं बीज समय पर मुहैया कराया जाए।
खेती-किसानी के लिए बैंकों से बेहद कम ब्याज दर पर ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाए और किसानों का पुराना कर्ज माफ किया जाए।
पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण मक्का किसानों की फसल को पहुंचे व्यापक नुकसान का अविलंब उचित मुआवजा दिया जाए।
पूर्णियाँ जिले में मक्का और मखाना का भारी उत्पादन होता है। अतः उत्पादकों को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में मक्का और मखाना आधारित उद्योग लगाए जाएं।
सिंचाई (पटवन) के लिए किसानों को सस्ती दरों पर बिजली मुहैया कराई जाए।
जिस जमीन पर गरीब और भूमिहीन लोग सालों से बसे हुए हैं, उन्हें बेदखल करने की कोशिशों पर तुरंत रोक लगाई जाए।
सम्मेलन में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव का० सीताराम येचुरी के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें लाल सलाम और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही, पिछले दिनों गुजरे अन्य जुझारू व संघर्षशील साथियों को याद करते हुए उनके अधूरे संघर्षों को अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम को मुख्य रूप से केंद्रीय संयुक्त सचिव अवधेश कुमार और राजीव सिंह ने संबोधित किया। इस अवसर पर प्रमाण समिति के कामरेड सुदीप सरकार, कामरेड वकील यादव समेत मुख्य रूप से कामरेड नारायण राम, कामरेड मोहम्मद आलम, सुदर्शन ऋषि, रंजित मुरमू, ब्रह्मदेव ऋषि, शंकर ऋषि, मोहम्मद अख्तर, महफूज आलम, इंदिरा देवी सहित सैकड़ों किसान प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Taza Khabar