April 28, 2026

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पूर्णिया बिहार27अप्रैल26 *SP के दरबार में छलका दर्द, मिला तुरंत दवा*

पूर्णिया बिहार27अप्रैल26 *SP के दरबार में छलका दर्द, मिला तुरंत दवा*

पूर्णिया बिहार27अप्रैल26 *SP के दरबार में छलका दर्द, मिला तुरंत दवा*

मोहम्मद इरफान कामिल पूर्णिया डिविजन न्यूज़ यूपी आजतक बिहार

*पूर्णिया बिहार ।* रविवार 27 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक स्वीटी सेहरावत के जनता दरबार में फरियादियों का दर्द छलका तो SP ने तुरंत मरहम भी लगाया। एसपी कार्यालय परिसर सुबह से ही पीड़ितों से खचाखच भरा रहा।
SP स्वीटी सेहरावत ने कुर्सी पर बैठते ही सबसे पहले बुजुर्गों और महिलाओं को बुलाया। एक-एक कर सबकी व्यथा सुनी। किसी की जमीन पर दबंगों का कब्जा, किसी की बेटी ससुराल में प्रताड़ित, तो कोई साइबर ठगों का शिकार। थानों में महीनों से चक्कर काट रहे लोगों की आंखों में उम्मीद की चमक लौट आई।

*आंसू देख पिघलीं SP, तुरंत हुई कार्रवाई*

केनगर की 70 साल की वृद्धा रोते हुए बोली – “मैडम, बेटे की मौत के बाद देवर ने खेत पर कब्जा कर लिया। थाना गया तो भगा दिया।” SP ने तुरंत सदर SDPO को फोन लगाया। बोलीं – “आज ही मौके पर जाओ। 24 घंटे में कब्जा हटना चाहिए। बुजुर्ग अम्मा को इंसाफ चाहिए।”
धमदाहा का एक युवक साइबर ठगी में 80 हजार गंवाने का दर्द लेकर आया। SP ने साइबर सेल प्रभारी को सामने बुलाया। FIR का आदेश देकर कहा – “पैसा रिकवर करो, वरना जवाब देना होगा।” बनमनखी की महिला ने दहेज के लिए मारपीट की दास्तां सुनाई। महिला थानाध्यक्ष को आज ही मेडिकल और बयान दर्ज करने की हिदायत मिली।
जिन मामलों में थाने पर सुनवाई न होने की शिकायत मिली, SP ने उसी वक्त संबंधित थानाध्यक्ष को फोन पर फटकार लगाई। दो टूक कहा – “जनता का भरोसा तोड़ोगे तो कुर्सी भी जाएगी। हर फरियादी की रिसीविंग दो और 7 दिन में रिपोर्ट भेजो।”

*60 से ज्यादा फरियादी, आधे का मौके पर समाधान*

जनता दरबार में 60 से अधिक आवेदन आए। जमीन विवाद के 22, महिला उत्पीड़न के 14, मारपीट के 11 और साइबर फ्रॉड के 8 मामले रहे। आधे से ज्यादा मामलों में SP ने ऑन द स्पॉट निर्देश देकर निपटारा कर दिया। बाकी के लिए DSP और थानेदारों को टाइमलाइन दे दी गई।
SP स्वीटी सेहरावत ने कहा कि जनता दरबार हर रविवार लगेगा। मकसद है कि गरीब-पीड़ित को थाने-कोर्ट के चक्कर न लगाने पड़ें। पुलिस जनता की सेवक है, ये अहसास कराना जरूरी है।
दरबार से बाहर निकले लोगों की आंखों में आंसू थे, मगर इस बार दर्द के नहीं, सुकून के। एक बुजुर्ग बोले – “पहली बार लगा कि कोई सुनने वाला है। SP मैडम ने दर्द सुना और तुरंत दवा भी दे दी।

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