September 20, 2026

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पूर्णिया बिहार 19 सितंबर26 *सहरसा में कलम लहूलुहान पर इंसाफ की जीत, अधिवक्ता जेबा परवीन अंसारी ने सरकार के फैसले का किया स्वागत*

पूर्णिया बिहार 19 सितंबर26 *सहरसा में कलम लहूलुहान पर इंसाफ की जीत, अधिवक्ता जेबा परवीन अंसारी ने सरकार के फैसले का किया स्वागत*

पूर्णिया बिहार 19 सितंबर26 *सहरसा में कलम लहूलुहान पर इंसाफ की जीत, अधिवक्ता जेबा परवीन अंसारी ने सरकार के फैसले का किया स्वागत*

*कहा – ऐसा होना ही था, गुंडागर्दी करने वाले सफेद कोट वाले गुंडों को हटाना लोकतंत्र की जीत है*

मोहम्मद इरफान कामिल यूपीआजतक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डीवीजन बिहार

पूर्णिया बिहार ! पूर्णिया सिविल कोर्ट की तेजतर्रार क्रिमिनल अधिवक्ता जेबा परवीन अंसारी की हुंकार आखिर रंग लाई, इंसाफ की जीत हुई। सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार के साथ मारपीट और अभद्रता करने वाले दो डॉक्टरों पर बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव उपेन्द्र राम के हस्ताक्षर से 18 सितंबर 2026 को अधिसूचना संख्या 9/आ0-08-25/2026(स्वा0) 1299(9B) जारी की गई है। आदेश में साफ कहा गया है कि सहरसा सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार आजाद और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन लाल को तत्काल प्रभाव से हटाकर स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय, पटना में योगदान करने का निर्देश दिया गया है।

*अधिवक्ता जेबा परवीन अंसारी ने कहा – सत्य की जीत हुई*

सरकार के इस फैसले का पूर्णिया सिविल कोर्ट की सीनियर क्रिमिनल अधिवक्ता जेबा परवीन अंसारी ने खुलकर स्वागत किया है।

उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था ये अस्पताल नहीं जल्लादखाना है, ये डॉक्टर नहीं सफेद कोट में छिपे गुंडे हैं। जिस तरह प्रभात खबर के पत्रकार को जमीन पर घसीट-घसीट कर पीटा गया, कैमरा तोड़ा गया, ये लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला था। उन्होंने कहा की सरकार ने दोनों दोषी डॉक्टर को हटाकर साबित कर दिया कि कलम अभी जिंदा है।
अधिवक्ता जेबा अंसारी ने कहा कि सहरसा सदर अस्पताल बना कसाईखाना है, जहां थाली में नेवला नहीं ज़हर परोसा जा रहा है। जिस बेड पर ग़रीब मरीज़ ज़िंदगी की भीख मांग रहा है, उसी थाली में सड़ा-गला, कीड़ों वाला खाना दिया जा रहा है। जब इस हैवानियत का सच पत्रकार दिखाने गया तो उसे पीटा गया।

उन्होंने कहा कि ये वही अस्पताल है जहां 2018 में समाजसेवी मीर रिजवान को अनशन करना पड़ा था, 7 साल बाद भी सड़ांध वैसी की वैसी है। लेकिन अब सरकार की कार्रवाई से पूरे कोसी के पत्रकारों में खुशी है। ये चोट हर कलम को लगी थी।
अधिवक्ता जेबा परवीन अंसारी ने कहा कि वो इस लड़ाई को सड़क से कोर्ट तक लड़ेंगी और दोषियों पर हत्या के प्रयास की FIR दर्ज होने तक चुप नहीं बैठेंगी। उधर इस फैसले के बाद सहरसा सदर अस्पताल गेट पर प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों पत्रकारों में खुशी की लहर है।