जोधपुर24अप्रैल*तीन राजकीय विद्यालयो से “शरणार्थी” शब्द हटाने पर मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी का जताया गया आभार
तीन राजकीय विद्यालयो से “शरणार्थी” शब्द हटाने पर जोधपुर सिन्धी समाज द्वारा राजस्थान केयशस्वी मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी का जताया गया आभार व इस कार्य को सफल करने में अपना अथक प्रयास करने के लिए समाजबंधुओं द्वारा पार्षद राजकुमार आसुदानी का किया गया सम्मान*
जोधपुर- राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग के अधीन संचालित जोधपुर क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शरणार्थी शब्द को सरकारी आदेश क्रमांक 2022 दिनांक 6/4/2022 की अनुपालना में *विलोपित* किया गया है जिससे अब यह शरणार्थी शब्द उन विद्यालयों से सदा के लिए हट गया है… यह दिवस सिंधी समाज के लिए स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
*जोधपुर नगर निगम दक्षिण में राजस्थान सरकार द्वारा मनोनीत पार्षद ( सहवृत सदस्य) राजकुमार आसुदानी* ने माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान श्रीमान अशोक जी गहलोत साहब से 5 मार्च 2022 उनके जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात कर जोधपुर की तीन सरकारी विद्यालय से शरणार्थि शब्द को हटाने का लिखित में निवेदन किया…मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग बीकानेर को पत्र प्रेषित कर संबंधित संदर्भ में वस्तुस्थिति से अवगत करवाने के लिए लिखा गया जिसमें संबंधित विभाग द्वारा 6 अप्रैल 2022 को इन तीन स्कूलों से शरणार्थी शब्द को विलोपित करने की स्वीकृति प्रदान की गई.
आसुदानी ने बताया कि कुछ समय पूर्व शिक्षाविद डॉ प्रदीप गेहानी ने इस ओर ध्यान आकर्षित करवाया था कि राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में भारत विभाजन के बाद में सिन्धी समाज के बाहुल्य क्षेत्रों में सिन्धी भाषा में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराते हुए कुछ राजकीय विद्यालयों में शरणार्थी शब्द का प्रयोग करते हुए प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए गए थे.. आज के दौर में यह शरणार्थी शब्द सिंधी समाज के ह्रदय को कहीं न कहीं आहत करता है…ऐसे में राजकीय विद्यालयों से शरणार्थी शब्द हटाकर सिंधी समाज को स्वाभिमान प्रदान करने का प्रयास किया जाए।
आसुदानी ने बताया कि एक संवेदनशील सरकार का परिचय देते हुए *मुख्यमंत्री श्रीमान अशोक गहलोत जी के नेतृत्व की राजस्थान सरकार* के सार्थक प्रयासों और अनुशंसा के परिणाम स्वरूप *मात्र 31 दिनों* में जोधपुर में संचालित तीनों ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय से शरणार्थी शब्द विलोपित किया गया यानी अब यह सभी विद्यालय बिना शरणार्थी शब्द का उपयोग किए हुए अपने नाम के अनुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालय कहलाएंगे।
राजकीय विद्यालय से शरणार्थी शब्द हटने पर सिंधी समाज के लिए खुशी की लहर है। सिंधी समाज ने संवेदनशील राजस्थान सरकार और यस्शवी मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है।
वरिष्ठ समाजसेवी अशोक लालवानी,राम देवनी,कन्हैयालाल टेवानी,रमेश खटवानी,राम चांदवानी भगवान मुर्झानी,हरीश आयानी,धीरुभाई गोस्वामी,गोरधन वीरवानी,ईश्वर चलानी,अनु भोजवानी द्वारा पार्षद राजकुमार आसुदानी का माला व दुपट्टा पहना कर सम्मान किया गया….
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