September 24, 2026

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Riva24 सितंबर 26*APS यूनिवर्सिटी का एक और कांड, बायोटेक के छात्रों से इंटर्नशिप-प्रोजेक्ट के नाम पर 1800 तक वसूली,

Riva24 सितंबर 26*APS यूनिवर्सिटी का एक और कांड, बायोटेक के छात्रों से इंटर्नशिप-प्रोजेक्ट के नाम पर 1800 तक वसूली,

Riva24 सितंबर 26*APS यूनिवर्सिटी का एक और कांड, बायोटेक के छात्रों से इंटर्नशिप-प्रोजेक्ट के नाम पर 1800 तक वसूली, शिक्षकों ने निजी UPI में कराए ट्रांसफर, शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं*

*विभागाध्यक्ष के पास छात्रों ने की थी शिकायत लेकिन गंभीरता से नहीं लिया, पास आउट होने वाले छात्रों को बनाया निशाना, 29 मई को श्रीकांत कोल के खाते में गए रुपए, प्राचार्य बोलीं- किसी तरह की राशि नहीं ली जाती*

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में सारे कांड सामने आ गए थे। अब छात्रों से वसूली की कसर पूरी हो गई। बायोटेक विभाग के शिक्षकों ने इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट के नाम पर छात्रों से 1100 से लेकर 1800 तक की वसूली की। बिना डर के शिक्षकों ने छात्रों से अपने निजी यूपीआई खातों में रुपए ट्रांसफर कराए। सबसे बड़ी बात यह है कि छात्रों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन किसी ने सुनी ही नहीं, अनसुना कर दिया गया।

*बेलगाम हुआ विवि प्रशासन, कुलपति पर संरक्षण का आरोप*
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की व्यवस्थाएं चौपट हो गई हैं। यहां कर्मचारी से लेकर शिक्षक और प्रोफेसर तक बेलगाम हो गए हैं। कुलपति खुद अवैध कार्यों को संरक्षण दे रहे हैं, इसी का नतीजा है कि विवि की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है। जिस विवि के पास कई कॉलेजों की जिम्मेदारी है, हजारों छात्रों का भविष्य बनाने का जिम्मा है, वहीं विवि अब छात्रों के लिए मुसीबत बन गया है। खुलेआम विवि के शिक्षक और अतिथि विद्वान लूटखसोट कर रहे हैं।

*निजी UPI में कराई वसूली, सबूत वायरल*
नियम है कि कोई भी राशि ऑफलाइन नहीं ली जाती। फीस आदि सब कुछ ऑनलाइन ही जमा होती है, इसके बाद भी छात्रों से शिक्षकों ने वसूली की। बायोटेक विभाग में पदस्थ श्रीकांत कोल के खाते में 29 मई 2026 को अनिल साहू ने 1800 रुपए ट्रांसफर किया। 29 मई को ही 12.48 बजे गौरवी रजक ने 651538024347 से 1100 रुपए श्रीकांत कोल के खाते में भेजा गया। इसी तरह अमन कुमार पटेल ने श्रीकांत कोल के यूपीआई नंबर 9806400582 में 1100 रुपए 13 जून को 1.38 बजे भेजा था। इसके अलावा भी कई छात्रों ने राशि ट्रांसफर की थी। विभाग में पास आउट होने वाले छात्रों से इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट के नाम पर मोटी रकम खाते में ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया है। इस मामले में लाइव प्रबंधन बताने और छुपाने में लगा था, हालांकि यूपीआई ट्रांसफर की फोटो ही वायरल हो गई। सच सामने आ गया।

*पास आउट छात्रों को बनाया निशाना*
वर्ष 2026 में छठवें सेमेस्टर में पास आउट होने वाले छात्रों से अवैध वसूली की गई। चर्चा है कि शिक्षकों को मालूम था कि सभी छात्र परीक्षा पास होने के बाद चले जाएंगे, उनकी शिकायत नहीं होगी और उनकी अवैध वसूली का राज भी सामने नहीं आएगा। इसी लिए ऐसे छात्रों को निशाना बनाया गया। हालांकि, छात्रों ने शिक्षकों की करतूतों को सबूत के साथ सामने लाकर रख दिया है।

*प्राचार्य बोलीं- फीस ऑनलाइन ली जाती है, जांच कराऊंगी*
“हमारे यहां किसी तरह की राशि नहीं ली जाती। हमारे यहां सभी फीस ऑनलाइन जमा होती है। श्रीकांत कोल हमारे यहां ही फैकल्टी है। विभाग में मैं अभी आई हूं। ज्यादा कुछ जानकारी भी नहीं है कि किसने पैसे लिए हैं। कुछ बच्चे मेरे पास आए थे, शिकायत लेकर मामले की जांच कराती हूं।”
*- अपर्णा सिंह, प्राचार्य, बायोटेक विभाग, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा*

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