September 10, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

सुल्तानपुर 10सितंबर 26**दो सप्ताह बाद भी डीआरडीए कार्यालय में नए बाबूओं की नहीं हुई तैनाती,

सुल्तानपुर 10सितंबर 26**दो सप्ताह बाद भी डीआरडीए कार्यालय में नए बाबूओं की नहीं हुई तैनाती,

सुल्तानपुर 10सितंबर 26**दो सप्ताह बाद भी डीआरडीए कार्यालय में नए बाबूओं की नहीं हुई तैनाती, उच्च अधिकारियों की कार्यशैली सवालों के घेरे में, जनप्रतिनिधियों की निधि पर लटकी तलवार,*
डीआरडीए में लंबे समय से जमे दो बाबुओं पर कार्यवाही के बाद कार्यालय का कामकाज बाधित, *कर्मचारियों की नई तैनाती न होने से जनहित के कामकाज पर असर,*
‼️सुलतानपुर।विकास भवन कार्यालय के अंदर स्थित डीआरडीए कार्यालय में लंबे समय से संबद्ध दो बाबू मनोज कुमार श्रीवास्तव और अमित कुमार श्रीवास्तव को *कार्यमुक्त कर दिया गया है।* मामले में सामने आए पत्र में अभिलेखों में कथित हेराफेरी और नियमविरुद्ध फाइल आगे बढ़ाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। *आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।*नए बाबूओं की नहीं हुई तैनाती, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) में लंबे समय से संबद्ध होकर काम कर रहे दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह ने संबद्ध बाबू मनोज कुमार श्रीवास्तव और अमित कुमार श्रीवास्तव को कार्यमुक्त कर दिया है। *साथ ही कार्यालय का काम प्रभावित न हो, इसके लिए जिला विकास अधिकारी (DDO) से दो योग्य बाबुओं की तैनाती की मांग की गई है।* मामले को लेकर 30 अगस्त 2026 को जिला विकास अधिकारी को संबोधित एक हस्तलिखित पत्र सामने आया है। पत्र में डीआरडीए में लंबे समय से संबद्ध कर्मचारियों को लेकर आपत्ति जताई गई है। इसमें दावा किया गया है कि *संबंधित कर्मचारी पांच वर्ष से अधिक समय से डीआरडीए में कार्यरत हैं।*

पत्र में दोनों कर्मचारियों के नाम का उल्लेख करते हुए विभागीय कार्यप्रणाली और अभिलेखों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही कथित तौर पर अभिलेखों में हेराफेरी और नियमविरुद्ध तरीके से फाइलों को आगे बढ़ाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।*कार्यमुक्त करने के साथ मांगे गए दो बाबू,*
परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह की ओर से दोनों संबद्ध कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया इसके साथ ही डीडीओ को पत्र भेजकर कार्यालय के कामकाज को सुचारु रखने के लिए दो योग्य बाबुओं की तैनाती की मांग की गई है। इस कार्रवाई के बाद डीआरडीए में लंबे समय से कर्मचारियों की संबद्धता को लेकर चल रही चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है। अब विभागीय स्तर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों कर्मचारियों के स्थान पर किन कर्मचारियों की तैनाती की जाती है।
*आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं,*
सामने आए पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अभिलेखों की जांच और विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर दोनों कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने की कार्रवाई सामने आई है।
*डीआरडीए में व्यवस्था पर उठे सवाल*‼️
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यालय है। ऐसे में लंबे समय तक एक ही कर्मचारियों के संबद्ध रहने और अभिलेखों व फाइलों के निस्तारण को लेकर सवाल उठना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
अब निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। *यदि जांच होती है तो अभिलेखों और फाइलों की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा सकती है*‼️

Taza Khabar