मथुरा 8 सितंबर 2026*निरंकुश लेखपाल, उप जिलाधिकारी महावन के आदेश
कई शिकायतों के बाद भी नहीं निकली चकरोड, राजस्व अभिलेखों में दर्ज रास्ते पर कब्जा
उप जिलाधिकारी से कई बार मिले, लिखित शिकायत भी दी, फिर भी कार्रवाई नहीं;
जनसुनवाई में गलत गांव की आख्या और फोटो लगा कर निस्तारण
मथुरा। ग्राम बिरौना में राजस्व अभिलेखों में दर्ज चकरोड संख्या 371 और नाली संख्या 305 को कब्जामुक्त कराने के लिए ग्रामीण द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित कास्तकारो ने चकरोड को घेरकर कब्जे में ले रखा है, जिससे ग्रामीणों का सार्वजनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता उप जिलाधिकारी महावन से कई बार मिल चुका है और लिखित शिकायत भी दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद चकरोड को मौके पर नहीं निकाला गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने पहले जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 40014526015550 दर्ज कराई थी। शिकायत ग्राम बिरौना की चकरोड संख्या 371 और नाली संख्या 305 से संबंधित थी। आरोप है कि शिकायतकर्ता को मौके की जांच की कोई सूचना नहीं दी गई और न ही उसे मौके पर बुलाकर उसका पक्ष सुना गया। इसके बावजूद संबंधित लेखपाल ने ग्राम मादौर की आख्या लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुनः जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 40014526021813 दर्ज कराई। इस शिकायत में भी ग्राम बिरौना की चकरोड और नाली की वास्तविक स्थिति की जांच की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस बार भी उसे मौके पर बुलाया या जांच की सूचना नहीं दी गई। इतना ही नहीं, शिकायत के निस्तारण के साथ ग्राम हथकोली का फोटो अपलोड कर दिया गया, जबकि शिकायत बिरौना की चकरोड संख्या 371 और नाली संख्या 305 से संबंधित थी।
गलत आख्या और दूसरे गांव के फोटो की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि दोनों शिकायतों में वास्तविक शिकायत स्थल की जांच हुई या नहीं1 यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि मादौर की आख्या और हथकोली का फोटो बिरौना की शिकायत में किस आधार पर लगाया गया।
राजस्व अभिलेखों में दर्ज रास्ते पर कब्जा, पैमाइश और सीमांकन कराकर कब्जामुक्त कराने की मांग
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से चकरोड संख्या 371 और नाली संख्या 305 की राजस्व अभिलेखों के आधार पर मौके पर पैमाइश और सीमांकन कराने की मांग की है। साथ ही मौके की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराकर वास्तविक स्थिति अभिलेख में दर्ज करने तथा यदि चकरोड पर कब्जा या अवैध घेराबंदी पाई जाती है तो उसे नियमानुसार हटाकर सार्वजनिक रास्ता बहाल कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह किसी अधिकारी या कर्मचारी को पहले से दोषी नहीं ठहरा रहा है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहता है। उसका कहना है कि यदि जांच में जानबूझकर गलत या भ्रामक आख्या अथवा तथ्य प्रस्तुत किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
राजस्व अभिलेखों में दर्ज रास्ते पर कब्जा, पैमाइश और सीमांकन कराकर कब्जामुक्त कराने की मांग
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से चकरोड संख्या 371 और नाली संख्या 305 की राजस्व अभिलेखों के आधार पर मौके पर पैमाइश और सीमांकन कराने की मांग की है। साथ ही मौके की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराकर वास्तविक स्थिति अभिलेख में दर्ज करने तथा यदि चकरोड पर कब्जा या अवैध घेराबंदी पाई जाती है तो उसे नियमानुसार हटाकर सार्वजनिक रास्ता बहाल कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह किसी अधिकारी या कर्मचारी को पहले से दोषी नहीं ठहरा रहा है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहता है। उसका कहना है कि यदि जांच में जानबूझकर गलत या भ्रामक आख्या अथवा तथ्य प्रस्तुत किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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