August 6, 2026

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बांदा 6 अगस्त 26*राजस्व वादों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी : आयुक्त*

बांदा 6 अगस्त 26*राजस्व वादों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी : आयुक्त*

बांदा 6 अगस्त 26*राजस्व वादों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी : आयुक्त*

यूपीआजतक बांदा से ब्यूरो सुनैना निषाद की रिपोर्ट

*बांदा*-बांदा गुरुवार को आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार की अध्यक्षता में मण्डल के समस्त तहसीलदार, तहसीलदार (न्यायिक) एवं नायब तहसीलदारों के साथ राजस्व वादों के निस्तारण एवं राजस्व प्रशासन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मण्डल के चारों जनपदों में लंबित राजस्व वादों, नामांतरण, पैमाइश, अवैध अतिक्रमण, कुर्राफाट, सीमांकन, राजस्व निरीक्षण एवं संभावित बाढ़ की तैयारियों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व विभाग से संबंधित प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, अतः इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि नामांतरण वादों का विशेष अभियान चलाकर निस्तारण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी नामांतरण वाद 45 दिवस से अधिक लंबित न रहे। प्रत्येक तहसीलदार नियमित रूप से लंबित वादों की समीक्षा करें तथा अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करें।
उन्होंने निर्देशित किया कि 05 वर्ष अथवा उससे अधिक अवधि से लंबित राजस्व वादों के निस्तारण हेतु पृथक कार्ययोजना तैयार की जाए तथा प्रत्येक प्रकरण का विधिसम्मत, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। ऐसे वादों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति से अधोहस्ताक्षरी को भी अवगत कराया जाए।
आयुक्त महोदय ने कहा कि भूमि संबंधी विवादों के त्वरित एवं स्थायी समाधान हेतु पैमाइश, सीमांकन एवं कुर्राफाट संबंधी वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। पैमाइश के दौरान रोवर तकनीक (Rover Technology) का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए, जिससे पैमाइश पूर्णतः वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं विवादरहित हो सके। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी राजस्व अधिकारियों एवं लेखपालों को रोवर तकनीक के उपयोग में दक्ष बनाया जाए तथा इसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अवैध अतिक्रमण के मामलों की समीक्षा करते हुए आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्ग, तालाब, चारागाह एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को पुलिस विभाग के समन्वय से तत्काल हटवाया जाए। प्रत्येक तहसील में नियमित रूप से अतिक्रमण विरोधी अभियान संचालित किया जाए तथा प्रभावी कार्रवाई की अनुपालन आख्या उपलब्ध कराई जाए।
आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि समस्त लेखपाल अपने निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से अपने तैनाती स्थल एवं संबंधित ग्राम पंचायत भवन में उपस्थित रहें तथा आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी समय रैण्डम सत्यापन के दौरान कोई लेखपाल अनुपस्थित पाया जाता है अथवा बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित रहता है, तो संबंधित के विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कठोर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में संभावित बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का पूर्व सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव की समस्त तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। राहत शिविर, नावों की उपलब्धता, पेयजल, खाद्यान्न, दवाइयों, पशुचारा एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आपदा प्रबंधन की प्रभावी कार्ययोजना तैयार रखी जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि आयुक्त कार्यालय स्तर से प्रेषित पत्रों एवं निर्देशों का तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन आख्या उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी अधिकारी द्वारा अनावश्यक विलंब किया जाता है अथवा निर्देशों की अवहेलना की जाती है, तो संबंधित का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमानुसार कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आयुक्त महोदय ने सभी तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से न्यायालयों का संचालन करें, वादकारियों को अनावश्यक तिथि न दें तथा प्रत्येक राजस्व वाद का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं विधिसम्मत निस्तारण सुनिश्चित करें। न्यायालयों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए आदेशों का समयबद्ध अनुपालन कराया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप जनता को त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जाए।
बैठक के अंत में आयुक्त महोदय ने कहा कि राजस्व विभाग आमजन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ विभाग है। अतः सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व वादों का समयबद्ध निस्तारण, अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, लेखपालों की नियमित क्षेत्रीय उपस्थिति तथा आमजन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रत्येक अधिकारी की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

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