बांदा 7जूलाई 26*पहली बारिश में ही खुली नगर पालिका की ‘विकास गाथा’, सड़कें बनीं तालाब, जनता ने उठाए सवाल*
यूपीआजतक बांदा से ब्यूरो सुनैना निषाद की रिपोर्ट
*बांदा:* मानसून की पहली बारिश के साथ ही बांदा नगर पालिका के विकास कार्यों की पोल खुल गई। शहर की कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति ऐसी बनी कि सड़कें कम और तालाब ज्यादा नजर आएं।
नालों की सफाई के दावों के बावजूद शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। जगह-जगह गड्ढों में पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
*”विकास कागज़ों पर, पानी सड़कों पर”*
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालों की सफाई और जल निकासी के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए गए थे, लेकिन पहली बारिश में ही सारी व्यवस्था फेल हो गई।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, _”लगता है अब विकास की परिभाषा बदल गई है। जहां सड़कें कम और नौकायन की संभावनाएं ज्यादा दिख रही हैं।”_
*जनता ने पूछा- करोड़ों का विकास कहां गया?*
बारिश के बाद शहर में जलभराव और कीचड़ को देखकर लोगों में आक्रोश है। जनता सवाल कर रही है कि नगर पालिका द्वारा किए गए करोड़ों रुपये के विकास कार्य कहां गए। लोगों का आरोप है कि पहली बारिश अपने साथ विकास का हिसाब भी बहा ले गई।
नागरिकों ने कहा, _”पहली बारिश, पहला इम्तिहान… और नगर पालिका फिर से नाकाम साबित हुई।”_
*जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग*
लोगों ने प्रशासन और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि वे केवल तस्वीरें देखकर नहीं, बल्कि जमीनी हालात देखकर समस्या का समाधान करें। नियमित रूप से नालों की सफाई और जल निकासी की ठोस व्यवस्था किए जाने की जरूरत बताई गई।

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