July 3, 2026

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रीवा ३ जुलाई २६ * नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह अपनी राजनीतिक साख और कुर्सी बचाने के लिए चली दोहरी चाल, ऑडियो वायरल कर गुढ़ की जनता को गुमराह करने की कोशिश

रीवा ३ जुलाई २६ * नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह अपनी राजनीतिक साख और कुर्सी बचाने के लिए चली दोहरी चाल, ऑडियो वायरल कर गुढ़ की जनता को गुमराह करने की कोशिश

रीवा ३ जुलाई २६ * नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह अपनी राजनीतिक साख और कुर्सी बचाने के लिए चली दोहरी चाल, ऑडियो वायरल कर गुढ़ की जनता को गुमराह करने की कोशिश

कई करोड़ों रुपए के हुए घोटाले और 13 पार्षदों के इस्तीफे के बाद, अपनी ही पार्टी के क्षेत्रीय नेताओं से विरोध में उतर मिली वरिष्ठ नेताओं से

कलेक्ट्रेट रीवा में हुई सुनवाई पूरी विपक्ष के 13 पार्षदों ने जीता मत, हाईकोर्ट से याचिका निरस्त 30 दिनों के अंदर अविश्वास प्रस्ताव करने का आदेश

गुढ़। सोशल मीडिया में एक ऑडियो बीते दिनों बहुत तेजी के साथ वायरल हुआ था जिससे गुढ़ की आम जनता के मन में ऑडियो को लेकर कई तरह की चर्चाएं लोगों के बीच चल रही थी। अब इसी बीच एक मामला सामने आया है कि यह ऑडियो रिकॉर्ड करके उसे वायरल करना एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया था। जैसा कि आपको बता दिया जाए की पूर्व के चार साल बीत जाने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह ने कई करोड़ों रुपए के घोटाला किया गया। और इस घोटाले की वजह से गुढ़ नगर परिषद के 15 पार्षदों में से 13 पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगा दिया था। जिससे नगर परिषद अध्यक्ष बिलबिला उठी और उन्हीं के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच आपसी मतभेद भी हो गया। जिससे अध्यक्ष अपने को गुढ़ की आम जनता के बीच अपने को पाक-साफ दिखने के लिए कई राजनीतिक चल चली गई। लेकिन इस राजनीतिक चाल में वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद फस गए और जल्दबाजी में पार्षद के द्वारा पैसों की डील कर दी गई। जो की अध्यक्ष के द्वारा जो चला चली गई थी वह उसमें कामयाब हो गई। लेकिन मामला तब सामने आया जब वायरल ऑडियो में पार्षद और अध्यक्ष के निजी चालक के बीच बातचीत के बाद सामने आया कि करोड़ों रुपए की हुए घोटाले में अर्चना सिंह उन घोटालों को दबाने और आम जनता के बीच अपने को पाक-साफ दिखाने के लिए और जिन 13 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लगाया था उनको गलत साबित करने के लिए एक सोची समझी ऑडियो वायरल कर दी गई। जानकारी यह भी मिल भी रही है कि नगर परिषद अध्यक्ष ने अपनी कुर्सी गिरने के बाद और माननीय कलेक्टर रीवा महोदय के समक्ष जो मामला चल रहा है उस मामले को माननीय कलेक्टर अपने संज्ञान में लेने की जानकारी के बाद से नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह सभी पार्षदों से रीवा में मुलाकात कर एक होटल में बैठक बुलाई और उन सभी पार्षदों को फिर से एक लुभावनी ऑफर देते हुए 10-10 लाख रुपए का सौदा किया पैसा अपने जेब से नहीं आम जनता के विकास कार्यों में आए हुए पैसे को घोटाला कर उन्हें पैसों से पार्षदों को खरीदने की जुगत में लग गई थी। जो कि वायरल हुए ऑडियो में आप भी सुन सकते हैं। सोचने की विषय यह है कि अगर 13 पार्षदों को फिर से खरीदा जाता तो 1 करोड़ 30 लाख या फिर अपनी कुर्सी बचाने के लिए कम से कम 03 पार्षदों को खरीदा जाता तो उनके द्वारा जो पार्षदों की बैठक में पार्षदों को 10–10 लाख रुपए का ऑफर दिया गया था वह 30 लाख रुपए होता और वह 30 लाख रुपए आम जनता के विकास कार्यों में आए हुए पैसे के कि पैसे से ही इन पार्षदों को खरीदने का विचार नगर अध्यक्ष द्वारा की गई।

13 पार्षदों ने एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष की कुर्सी को डामाडोल कर दिया
नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह के द्वारा नियमों की विपरीत प्रस्ताव पारित कर फर्जी नियुक्तियों और बड़े भ्रष्टाचार करने के बाद उनके द्वारा अध्यक्ष की कुर्सी में बैठकर अपने स्वयं के वाहनों में 100 लीटर से ज्यादा डीजल हर माह भरवा कर वातानुकूलित AC की हवा लेते हुए भोपाल से रीवा जैसे शहरों में आवागमन कर हर महीने ना जाने कितने करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया जा रहा था और साथ ही गुढ़ के विकास कार्यों में मनमानी प्रस्ताव पारित कर विकास का दावा कर हर काम में कमीशन खोरी खेल का भ्रष्टाचार चल रहा था इसी भ्रष्टाचार को देखते हुए भाजपा पार्षदों के साथ ही विपक्ष के पार्षदों ने भी अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का मन बना लिया और सभी 13 पार्षदों ने माननीय कलेक्टर रीवा के समक्ष पहुंचकर अध्यक्ष के कुर्सी को डामाडोल कर दिया जिससे नगर परिषद को फिर एक बार चर्चा में आ गई वहीं सूत्रों के द्वारा बताया जा रहा है कि नगर परिषद गुढ़ की अध्यक्ष का अपने ही वरिष्ठ नेताओं से मनमुटाव हो गया। और कुर्सी से धड़ाम से गिर गई।

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