पूर्णिया बिहार 26 जून 26* दसवीं को इमामबाड़ों-अखाड़ों में उमड़ा आस्था का सैलाब, गूंजा ‘या हुसैन’ का नारा
मोहम्मद इरफान कामिल आज तक न्यूज़ चैनल पूर्णिया बिहार से
पूर्णियां बिहार / पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन एवं उनके साथियों की शहादत की स्मृति में मनाए जाने वाले मुहर्रम की दसवीं तारीख शुक्रवार को पूर्णिया में अकीदत और गम के माहौल में संपन्न हुई।
शहर से लेकर गांव-देहात तक इमामबाड़ों और अखाड़ों में सुबह से ही अज़ादारों का हुजूम उमड़ पड़ा, हर गली, हर चौक पर ‘या हुसैन-या अली’ की सदाएं गूंजती रहीं। कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद कर आंखें नम हो गईं। शहीदी नग्मों और मर्सिया की सदा से पूरा माहौल गमगीन हो उठा,
पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पूर्णिया के जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार, नए वरीय एस एस पी डॉक्टर सौरभ सुमन एवं एएसपी और सभी एसडीपीओ समेत तमाम वरीय पदाधिकारी खुद फील्ड में सक्रिय देखे गए। हर चौक-चौराहे पर पुलिस पदाधिकारियों का एक जत्था मुस्तैदी से तैनात था, ड्रोन और सीसीटीवी से भी निगरानी रखी गई।
इससे पहले सभी इमामबाड़ों को भव्य रूप से सजाया गया था, दोपहर बाद ताजिया, अलम और दुलदुल के साथ जुलूस की शक्ल में निशान का दौर चला, हमामबाड़ी और अखाड़ों में पहलवानों ने परंपरागत हथियारों से हैरतअंगेज करतब दिखाए। ‘हैदरी’ के नारे से फिजा गूंज उठी,
मुख्यालय के लालगंज, मिर्जाचौकी, बनभाग, मधुबन, खजांची, मधुबनी, मौलवीबाड़ी, खजांचीघाट, माधोपाड़ा, लाइन बाजार, खुश्कीबाग, गुलाबबाग, दमका और पोरेशिया समेत तमाम इलाकों से ताजिया के जुलूस निकाले गए। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पहले पूर्णिया सिटी इमामबाड़ा पहुंचे और फिर खुश्कीबाग स्थित कर्बला में जा कर पहलाम किया,
इस दौरान पूर्णिया सांसद प्रतिनिधि एवं पूर्व वार्ड काउंसलर सह समाजसेवी वैश खां अपने दर्जनों साथियों के साथ आखरियों में मौजूद रहे। उन्होंने अज़ादारों को शरबत, ठंडा पानी और प्रसाद वितरित कराया। इस मौके पर उन्होंने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए जिला प्रशासन की जमकर तारीफ की
शुक्रवार को ही देर रात पूर्णिया सिटी के बड़ा इमामबाड़ा से दुलदुल निकाला गया, जो सैयद शहीद रजा के इमामबाड़ा होते हुए कर्बला तक गया, इससे पहले सिटी गुरुद्वारा में दुलदुल की पांच धुलाई हुई और प्रसाद चढ़ाए गए, दुलदुल के साथ ही अलम जुलूस भी निकाला गया। इस दौरान मजलिसों का आयोजन किया गया, जिसमें सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए। पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव कई घंटे तक अखाड़े के साथ रहे और काफी सक्रिय देखे गए,
मुहर्रम का पर्व शुक्रवार को संपन्न हो गया, लेकिन इमाम हुसैन की शहादत का गम 40 दिन तक जारी रहेगा। चेहल्लुम के दिन इसका समापन किया जाएगा। आज आखिरी दिन भी कर्बला की याद में मजलिसें, मर्सिया, फातिहा और कुन्दाख्वानी की महफिलें सजीं। मुस्लिम बहुल इलाकों में अखाड़ेदारों की काफी संख्या देखी गई,

More Stories
नोयडा27जून26*नोएडा में मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण संपन्न, महानगर कांग्रेस ने किया अखाड़ों का स्वागत, पुलिस व्यवस्था की सराहना
बांदा 27 जून 26*नशे में धुत ओवरलोड डग्गी ने ट्रांसफार्मर में मारी टक्कर, खंभा-ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
मथुरा 26 जून 26*थाना महावन पुलिस द्वारा चोरी के अभियोग से सम्बन्धित 02 अभियुक्तगण को चोरी के माल सहित गिरफ्तार किया गया ।*