May 15, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

रुढ़की १५ मई २६ * रुड़की में एक निकाह समारोह उस समय हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया जब दूल्हे की कथित प्रेमिका ने  बैंक्वेट हॉल पहुंच कर शादी रुकवा दी

उत्तराखंड चम्पावत : 230 नाली में मौत की खेती , अब किसानों पर होगी सीधी कार्रवाई*

*उत्तराखंड चम्पावत : 230 नाली में मौत की खेती , अब किसानों पर होगी सीधी कार्रवाई*

*बैरक और भैसर्ग में फिर लहलहाई अवैध भांग की फसल , पुलिस ने उजाड़ी खेती*…

*कुछ नाम चिन्हित , होगी कानूनी कार्रवाई* ।

*थाना पाटी पुलिस का बड़ा दावा – इस बार सिर्फ चेतावनी नहीं , भांग बोने वालों पर होगी कार्रवाई*

चम्पावत ( Champawat ) – जिले में नशे के खिलाफ चल रहा अभियान एक बार फिर सुर्खियों में है । एसपी रेखा यादव के निर्देश पर थाना पाटी पुलिस , वन विभाग और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बैरख और ग्राम भैसर्ग में करीब 230 नाली भूमि पर उगाई जा रही अवैध भांग की खेती को नष्ट किया । हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस ने इस इलाके में भांग की फसल नष्ट की हो । हर साल कार्रवाई होती है , खेतों में खड़ी फसल काटी जाती है , चेतावनी दी जाती है और फिर कुछ महीनों बाद वही खेत दोबारा नशे की खेती से भर जाते हैं । यही वजह है कि अब पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं ।
खेती दिख रही , फिर आरोपी कानून से बाहर क्यों ?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पुलिस को खेत मिल रहे हैं , जमीन चिन्हित हो रही है और फसल बरामद हो रही है , तो आखिर खेती करने वाले लोग अब तक गिरफ्त से बाहर क्यों हैं ? 230 नाली में फैली भांग की खेती यह साफ संकेत देती है कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय है । लेकिन अब तक अधिकतर मामलों में कार्रवाई सिर्फ फसल नष्ट करने तक सीमित रही है ।
अब पुलिस ने बदला रुख , हो सकती है कार्रवाई
उत्तराखंड हिंदी समाचार से बातचीत में थाना पाटी के थानाध्यक्ष रमेश चंद्र बेलवाल ने बताया कि जिन किसानों ने खेतों में भांग बोई थी , उनके नाम नोट कर लिए गए हैं और बहुत जल्द उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी । थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस लगातार ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभाव और कानूनी परिणामों की जानकारी देती रही है , लेकिन कुछ लोग अब भी अवैध खेती से बाज नहीं आ रहे हैं । ऐसे लोगों के खिलाफ इस बार सख्त कदम उठाए जाएंगे ।
चेतावनी नहीं , अब चाहिए एनडीपीएस का डंडा
ग्रामीण क्षेत्रों में भांग की खेती अब आसान कमाई का जरिया बनती जा रही है । यही वजह है कि पुलिस की सामान्य चेतावनियों का असर खत्म होता दिखाई दे रहा है । नशे का यह कारोबार युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहा है , लेकिन असली सौदागर हर बार बच निकलते हैं । जानकारों का मानना है कि जब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर मुकदमे , गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई नहीं होगी , तब तक यह अभियान केवल फोटो और प्रेस नोट तक सीमित रहेगा ।
हर साल खेतों में पुलिस… और मुनाफे में तस्कर
हैरानी की बात यह है कि पुलिस हर साल गांव-गांव और खेत-खेत जाकर भांग नष्ट करती है , लेकिन अवैध खेती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा । इससे साफ है कि नशे के कारोबारियों में कानून का डर लगभग खत्म हो चुका है । यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो पहाड़ के गांव धीरे-धीरे नशे के जाल में और गहराई तक फंसते चले जाएंगे

Taza Khabar