April 30, 2026

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हरदोई30अप्रैल26*महिला अभिभावक से अभद्रता पर एफआईआर दर्ज,

हरदोई30अप्रैल26*महिला अभिभावक से अभद्रता पर एफआईआर दर्ज,

हरदोई30अप्रैल26*महिला अभिभावक से अभद्रता पर एफआईआर दर्ज, बीएसए के निर्देश पर कार्रवाई तेज…*
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हरदोई* में शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले स्कूल में महिला अभिभावक के साथ अभद्रता ने पूरे सिस्टम की संवेदनशीलता की पोल खोल दी.इस चर्चित मामले में आखिरकार पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.पीड़िता नीलम वर्मा ने थाना कोतवाली नगर में पंजीकृत कराया।इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराएं भी शामिल हैं।26 अप्रैल को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने जैसे ही इस पूरे कांड का खुलासा किया, प्रशासन की नींद टूटी और कार्रवाई का पहिया तेजी से घूमने लगा.

दरअसल, पूरा मामला 24 अप्रैल का है, जब नीलम वर्मा अपनी बेटी अलीशा के भविष्य की चिंता में स्कूल पहुंची थीं.लेकिन उसे क्या पता था कि शिक्षा के इस मंदिर में उसका सम्मान नहीं बल्कि अपमान होगा.कथित तौर पर प्रतियां खरीदने के नाम पर उन पर वित्तीय दबाव डाला गया है।जब उसने मजबूरी में कुछ दिन मांगे तो स्कूल प्रबंधन का असली चेहरा सामने आ गया।पीड़ित के मुताबिक, उसके साथ न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि उसे अपशब्दों और कथित जातिवादी टिप्पणियों का भी सामना करना पड़ा।पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और 26 अप्रैल को यह वीडियो वायरल हो गया।

वीडियो सामने आते ही माहौल गरमा गया.अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र सड़कों पर उतरे और स्कूल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजीत सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की और खुद टीम के साथ स्कूल पहुंचे और पूरे मामले की बारीकी से जांच की.जांच के दौरान न सिर्फ घटना की हकीकत सामने आई, बल्कि स्कूल के संचालन और भवन निर्माण के मानकों को भी परखा गया।

प्रारंभिक जांच में संदिग्ध पाए जाने पर बीएसए ने सेक्टर शिक्षा अधिकारी (नगरपालिका) को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।यहीं नहीं उन्होंने स्कूल प्रबंधक ममता मिश्रा के स्कूल परिसर में प्रवेश पर सख्ती से रोक लगा दी, ताकि जांच निष्पक्ष और बिना दबाव के पूरी हो सके.आदेश में यह भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।