January 13, 2026

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लखनऊ 12 जनवरी 26*निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश पर घूसखोरी के मामले में शिकंजा लगातार कसता जा रहा

लखनऊ 12 जनवरी 26*निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश पर घूसखोरी के मामले में शिकंजा लगातार कसता जा रहा

लखनऊ 12 जनवरी 26*निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश पर घूसखोरी के मामले में शिकंजा लगातार कसता जा रहा

उत्तर प्रदेश कैडर के निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश पर घूसखोरी के मामले में शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. सरकार ने उन्हें आधिकारिक रूप से चार्जशीट थमा दी है. यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जब वे इन्वेस्ट यूपी के सीईओ के पद पर तैनात थे. सौर ऊर्जा से जुड़े प्रोजेक्ट को लेकर आईईएस ने निकांत जैन के माध्यम से रिश्वत मांगी थी. यह कदम एसआईटी ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर उठाया है. उनके बयान दर्ज करने के लिए एसआईटी ने नियुक्ति विभाग से अनुमति भी मांगी है. कंपनी के प्रतिनिधि विश्वजीत दास ने 20 मार्च 2025 को गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. इस एफआईआऱ में कहा गया था कि उन्होंने यूपी में सोलर सेल और सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरणों के लिए इन्वेस्ट यूपी में आवेदन किया था. तब वरिष्ठ अधिकारी ने उनके संपर्क के लिए निकांत जैन नाम के व्यक्ति को भेजा, जिसने प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए पांच फीसदी रिश्वत मांगी थी. रिश्वत देने से इनकार करने पर उनकी फाइल रोक दी गई. मामले में मुख्यमंत्री योगी ने तत्कालीन सीईओ अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया था और निकांत जैन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी. जांच में वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर अभिषेक प्रकाश का नाम सामने आया. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की पूछताछ में निकांत ने अभिषेक प्रकाश का नाम लिया. कई ऐसे सबूत भी मिले जिससे दोनों के संपर्क की पुष्टि हुई, इसी आधार पर एसआईटी ने अभिषेक प्रकाश को आरोपी बनाया गया. नियुक्ति विभाग की अनुमति मिलने पर अभिषेक प्रकाश से पूछताछ करेगी और SIT बयान दर्ज करेगी.

SIT ने इन्वेस्ट यूपी के सीईओ रहे निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश का भी नाम जोड़ा है. जांच में मिले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर एसआईटी ने FIR दर्ज की है और इसमें अभिषेक प्रकाश का नाम जोड़ा गया है. आईएएस का बयान दर्ज करने के लिए एसआईटी ने नियुक्ति विभाग से अनुमति मांगी है. बता दें कि आईएएस अभिषेक प्रकाश साल 2006 बैच के अफसर हैं. सोलर एनर्जी कंपनी से रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद योगी सरकार ने कार्रवाई करते हुए उन्हें 20 मार्च को निलंबित कर दिया था.