March 11, 2026

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अयोध्या २५ दिसंबर २५ * #झूठे वादों की राजनीति जारी# — बूथ प्रभारी मथुरा प्रसाद तिवारी और ग्राम वासियों के बिगड़े बोल. 

अयोध्या २५ दिसंबर २५ * #झूठे वादों की राजनीति जारी# — बूथ प्रभारी मथुरा प्रसाद तिवारी और ग्राम वासियों के बिगड़े बोल. 

अयोध्या २५ दिसंबर २५ * #झूठे वादों की राजनीति जारी# — बूथ प्रभारी मथुरा प्रसाद तिवारी और ग्राम वासियों के बिगड़े बोल. 
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#झूठे वादों की राजनीति जारी# — बूथ प्रभारी मथुरा प्रसाद तिवारी और ग्राम वासियों के बिगड़े बोल, कहा झुट्ठा विधायक झूठे वादे

यह मामला जनपद के तहसील मिल्कीपुर अंतर्गत विकास खण्ड हैरिंगटनगंज की ग्राम पंचायत रामपुर जोहन (विजैनपुर तिवारी का पुरवा) का है।

जहां पर सड़क को लेकर आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है।

जहां पर श्री तिवारी का कहना है कि चुनाव से पहले विधायक चन्द्रभान पासवान ने घर तक काली सड़क बनवाने का वादा किया था।

उस समय ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे इसी दौरान गोसाईगंज के पूर्व विधायक खब्बू तिवारी गांव पहुंचे और उन्होंने भी चुनाव जीतने के बाद पक्की सड़क निर्माण का भरोसा दिलाया था

लेकिन आज तक मिट्टी की पटाई तक भी नहीं हुई

साथ -साथ ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षा काल के समय स्वयं विधायक चन्द्रभान पासवान,देबेन्द्र मणि त्रिपाठी,पूर्व मंडल अध्यक्ष अवधेश पाठक,मंडल उपाध्यक्ष सरयू प्रसाद दूबे,ग्राम प्रधान पती बब्लू यादव व क्षेत्र के कई संभ्रांत व्यक्ति गांव पहुंचे थे।

उस समय विधायक ने सार्वजनिक रूप से कहा था की बरसात खत्म होते ही नवंबर से 480 मीटर खड़ंजे का निर्माण कराया जाएगा।

लेकिन नवम्बर भी बीत गया, प्ररन्तु सड़क का कोई नामोनिशान नहीं

मथुरा प्रसाद तिवारी ने तीखे शब्दों में कहा—
पहले पूर्व विधायक गोरखनाथ जी झूठे वादे किया करते थे, अब वही परंपरा नए विधायक निभा रहे हैं। फर्क बस इतना है कि चेहरे बदल गए हैं, झूठ वही है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत बद से बदतर हो चुकी है। बरसात में रास्ता दलदल, गर्मी में धूल का गुबार, और बीमार-बुजुर्गों के लिए यह सड़क सजा से कम नहीं है।

अब गांव में यह चर्चा आम है कि क्या मिल्कीपुर की जनता को सिर्फ चुनाव के समय ही याद किया जाता है या फिर इन झूठे वादों पर कभी वास्तविक निर्माण की मुहर भी लगेगी?

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे धरना-प्रदर्शन, जनसुनवाई और उच्चाधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट

Taza Khabar