दिल्ली2अक्टूबर25*कर्नाटक के 59 घुमंतू अछूत समुदायों के न्यायोचित आंदोलन पर डेमोक्रेटिक पिपुल्स फ्रंट का वक्तव्य*
दिल्ली*डेमोक्रेटिक पिपुल्स फ्रंट, कर्नाटक के घुमंतू अछूत समुदायों के सामाजिक न्याय, गरिमा और आरक्षण के उचित हिस्से के लिए लम्बे दिनों से जारी ऐतिहासिक आंदोलन के समर्थन करता है और उनके संघर्षों के प्रति गहरी एकजूटता जाहिर करता है।
कर्नाटक में इन समुदायों ने पीढ़ियों से सामाजिक अपमान, अवमानना और बहिष्करण को झेला है। झेल तो आज भी रहे हैं, पर उम्मीद जगाने वाली बात यह है कि आज की इनकी युवा पीढ़ी इस बहिष्करण के खिलाफ उठ खड़ी हुई है।
इनके संगठन लम्बे दिनों से अनुसूचित जातियों को प्राप्त आरक्षण में अपने समुदाय के लिए 01 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इनके इस न्यायोचित मांग को पिछले दिनों न्यायमूर्ति नागमोहन दास कमेटी ने वैध भी ठहराया था और सरकार से इसे लागू करने की सिफारिश भी की थी। लम्बे दिनों तक यह सिफारिश सरकारी फाइलों में दबी पड़ी थी और बाद में कर्नाटक सरकार ने इसे ख़ारिज ही कर दिया ।
ऐसी एक परिस्थिति में इनका प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों के 1000 प्रतिनिधि 02 अक्टूबर 2025 को दिल्ली के जंतर-मंतर से राजघाट होते हुए AICC कार्यालय तक एक शांति मार्च निकालने जा रहे हैं ताकि कर्नाटक की कांग्रेसी सरकार पर न्यायमूर्ति नागमोहन दास कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का दबाव बनाया जा सके।
डेमोक्रेटिक पिपुल्स फ्रंट उनके इस शांति मार्च सहित सभी आंदोलनकारी गतिविधियों के साथ एकजूटता जाहिर करता है। हम यह मानते हैं कि उनका यह संघर्ष अपने देश के सभी उत्पीड़ित, वंचित और बहिष्कृत समुदायों के न्यायोचित संघर्षों का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है और सभी प्रगतिशील, जनवादी और न्यायापसंद ताकतों को इनके साथ खड़ा होना चाहिए।
अपनी सामाजिक पहचान और गरिमा हासिल करने के इनके संघर्ष में जीत की शुभ आकांक्षाओं के साथ उनके संघर्ष का साथी।
डेमोक्रेटिक पिपुल्स फ्रंट
01.10.2025

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