सतना09जून25*रेलवे के कानून को ठेंगा दिखा रही आरपीएफ, दोनों हाथों से कर रही ऊपरी कमाई…
अवैध वेंडर्स को पालने के लिए हर समझौता करने को तैयार पुलिस..
अमर रिपब्लिक सतना। भारतीय रेलवे द्वारा बनाए गए नियम कायदे रेलवे पुलिस के लिए कोई मायने नहीं रखते हैं, उसे तो हरहाल में अधिक से अधिक अवैध और ऊपरी कमाई का कीर्तिमान स्थापित करना है। अपने इस सपने को साकार करने के लिए सतना और मानिकपुर स्टेशन की रेलवे पुलिस कुछ भी करने के लिए हमेशा तैयार रहती है। इंडियन रेलवे द्वारा अवैध वेंडर्स को प्रतिबंधित किया गया है, लेकिन रेलवे पुलिस ऐसा नहीं मानती है। उसकी नजर में अवैध वेंडरों की फौज उनकी अवैध कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन गई है, इसलिए कुछ पुलिस वाले भी स्वयं परदे के पीछे रहकर अवैध वेंडर को रेलगाड़ियों और स्टेशन पर दौड़ाने का काम करते हैं। सतना आरपीएफ में तैनात पुलिस वाले इन दिनों ऐसे मालदार लोगों की खोज में दिन रात लगे रहते हैं जो अवैध वेंडर्स को चलाकर कमाई करने की तमन्ना रखते हैं। रेलवे सूत्रों ने बताया कि जबलपुर रेल मंडल अंतर्गत सबसे ज्यादा अवैध वेंडर्स का कारोबार सतना जंक्शन में रेलवे पुलिस के संरक्षण में चल रहा है। आरपीएफ थाना में पदस्थ नये कमाऊपूत सिपाही के पास प्रत्येक अवैध वेंडर की जन्म कुंडली मौजूद रहती है। यही भरोसे मंद सिपाही हर महीने सैकड़ों पुरुष और महिला वेंडरों से नजराना वसूल कर थाना प्रभारी की टेबिल तक पहुंचाता है। सतना रेलवे स्टेशन के अंदर रेलगाड़ी आते ही अवैध वेंडर्स का नजारा सरेआम देखने को मिलता है। सतना और मानिकपुर स्टेशन की रेलवे पुलिस हर एक पुरुष और महिला वेंडरों से महीने का तीन से चार हजार रुपए शुल्क वसूल करते हैं। इसके साथ ही पुलिस यह सेटिंग करके रखती है कि विभागीय कागज में अवैध वेंडरों की धर-पकड़ दिखाने के लिए बारी बारी से चहेते ठेकेदार स्वयं अपने चेलों को थाने भेज दिया करें। इतना गजब का सिस्टम रेलवे पुलिस ने अपना रखा है कि चाहकर भी देश के प्रधानमंत्री और रेलमंत्री उनकी करतूत को कभी न पकड़ सकें।

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