*सतना24मई25*नशा मुक्त अभियान का खोखला दावा, शराब दुकानों में संचालित हो रहे है अवैध अहाते*
*शहर समेत पूरे जिले में संचालित हो रहे हैं अहाते जिम्मेदार कौन ?*
*शहर के गली मोहल्ले समेत संपूर्ण जिले में अवैध शराब का कारोबार बदस्तूर जारी*
अमर रिपब्लिक सतना। सतना जिले में अवैध शराब का कारोबार जनता के लिए सबसे गंभीर समस्या बन गई है, शहर के मोहल्ले एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सरे आम अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। शहर के सिटी कोतवाली थाने से महज कुछ ही दूरी पर जय स्तंभ चौक स्थित कंपोजिट शराब की दुकान में सारे आम नियम विद्युत विरोध तरीके से अहाता संचालित करते हुए शराब पिलाई जा रही है, तथा सूत्रों का कहना है कि अहाते की आड़ में प्रतिबंध नशीली कफ सिरप तथा नशीली गोलियां की भी बिक्री सरेआम की जा रही है,प्रतिबंधित मेडिकल नशे की बिक्री करने वाला बजरहा टोला के चर्चित व्यक्ति के द्वारा अहाते का संचालन किया जा रहा है आए दिन इस अहाते में मारपीट लड़ाई झगड़े की घटनाएं आम हो चुकी है आए दिन शराब की वजह से मारपीट और विवाद की घटनाएं सामने आ रही हैं, इसके बाद भी सतना शहर में संचालित होने वाली शराब दुकानों के समीप अवैध अहाते का संचालन सतना पुलिस की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण साबित हो रही है। ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेश पर सभी अहातों को बंद करवा दिया गया था, इस संबंध में जिला आबकारी विभाग और पुलिस के संरक्षण में पूरे सतना जिले के अंदर शराब का अवैध कारोबार डंके की चोंट पर किया जा रहा है। इस संबंध में सतना शहर के आबकारी उप निरीक्षक निलेश गुप्ता से जब जानकारी चाही गई तो उनके द्वारा बताया गया कि संपूर्ण मध्य प्रदेश में अहाते का संचालन पूर्णता बंद है अब सवाल यह उठता है कि जब अहाते का संचालन मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा प्रतिबंधित किया गया है तो शहर समेत संपूर्ण जिले में अहाते का संचालन किसके संरक्षण में चल रहा है इसके बावजूद भी सरेआम नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए आते संचालित हो रहे हैं, 19 मई की शाम को आते खुले होने की सूचना मिलने पर आबकारी उप निरीक्षक अपनी दल बल के साथ जय स्तंभ चौक स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान में संचालित अहाते में दबिश देने पहुंचे, तथा कार्यवाही के नाम पर रस्म अदायगी करके चलते बने मगर हालत वही रहे उनके पहुंचने पर उक्त संचालक के द्वारा आहाता बंद कर दिया गया मगर जाते ही फिर से अहाते का संचालन चालू हो गया इस तरह की कार्यवाही को लेकर आम जनमानस में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है वही आपका भी उप निरीक्षक एवं उनकी टीम की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं जानकारों के मुताबिक शराब ठेकेदारों से मिलने वाले नजराना की वजह से पुलिस और आबकारी विभाग केवल तमाशा देखने और कागजी घोड़े दौड़ाने तक सीमित रह गए हैं।

More Stories
नैनीताल30अप्रैल26*दिनदहाड़े बैंक के बाहर से बाइक चोरी,
नई दिल्ली30अप्रैल26*अब फू-फू करना पड़ेगा और महंगा, ज्यादा ढीली करनी होगी जेब,
बिजनौर30अप्रैल26*मोनिका ने बिजनौर में साइबर अपराधियों से परेशान होकर जान दे दी