कौशांबी07जनवरी25*जिलाधिकारी ने की जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक*
*आर0बी0एस0के0 की टीम सरसवॉ,कड़ा, मूरतगंज, नेवादा एवं बी.पी.एम. द्वारा कार्यो में लापरवाही बरतने पर वेतन रोकने के निर्देश*
*जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ केंद्र कड़ा में तैनात आयुष चिकित्सक डॉ0 बीरेन्द्र कुमार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगातार अनुपस्थित रहने पर संविदा समाप्त करने के दिए निर्देश*
*कौशाम्बी।* जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी द्वारा मंगलवार को उदयन सभागार में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की गई बैठक में जिलाधिकारी ने परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने एएनसी रजिस्ट्रेशन की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को गर्भवती महिलाओं की एएनसी चेकअप पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दियें। उन्होंने नियमित टीकाकरण की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि आशा एवं एएनएम के साथ नियमित रूप से बैठक कर टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की जाय तथा आशा एवं एएनएम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाय कि वे अपने बच्चों का टीका अवश्य लगवायें। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि टीम के साथ गॉव-गॉव भ्रमण कर टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण अवश्य करवायें। इसके साथ ही उस गॉव की ऑगनबाड़ी कार्यकत्री एवं आशा से जरूर मिलें।
जिलाधिकारी ने आर0बी0एस0के0 की टीम सरसवॉ,कड़ा, मूरतगंज एवं नेवादा द्वारा कार्यो में लापरवाही बरतते हुए पाए जाने पर वेतन रोकने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए। इसके साथ ही बी0पी0एम0 कनैली द्वारा भी कार्यो में लापरवाही बरतते हुए पाए जाने पर वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा में तैनात आर0बी0एस0के0 टीम के आयुष चिकित्सक डॉ0 बीरेन्द्र कुमार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगातार अनुपस्थित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संविदा समाप्त करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए।जिलाधिकारी ने सभी आर0बी0एस0के0 टीम को प्रत्येक ग्राम पंचायत मे घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि डॉ0 भगवान का रूप होता है, किसी भी हॉल में मातृ मृत्यु न होने पाये, इसका अथक प्रयास ईमानदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि प्रसूता को निर्धारित समयावधि 48 घण्टें तक अस्पताल में रोका जाय तथा लाभार्थियों को दी जाने वाली भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाय। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्रियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रसव सरकारी अस्पताल में कराये जाने के लिए जागरूक किया जाय।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम, पुनरीक्षित क्षय रोग नियन्त्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग कार्यक्रम आदि की भी विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दियें।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सुखराज बन्धु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 संजय कुमार एवं सीएमएस सुनील कुमार शुक्ला, सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

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