July 31, 2026

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लखनऊ31जुलाई26*हिन्दू परिवार में मौतों का तांडव, धर्म परिवर्तन का चक्रव्यूह और सम्पत्ति हड़पने का षड़यंत्र :ऋषि द्विवेदी*

लखनऊ31जुलाई26*हिन्दू परिवार में मौतों का तांडव, धर्म परिवर्तन का चक्रव्यूह और सम्पत्ति हड़पने का षड़यंत्र :ऋषि द्विवेदी*

लखनऊ31जुलाई26*हिन्दू परिवार में मौतों का तांडव, धर्म परिवर्तन का चक्रव्यूह और सम्पत्ति हड़पने का षड़यंत्र :ऋषि द्विवेदी*
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*लखनऊ*। शहर के नामचीन विज्ञापन कारोबारी स्वर्गीय चंद्रभूषण त्रिपाठी के हंसते-खेलते हिंदू परिवार को मिटाने, छल-कपट से धर्म परिवर्तन कराने और करोड़ों की जायदाद पर कब्जा करने के लिए मुख्य आरोपी मोनीश हसन ने एक ऐसा खौफनाक षड़यंत्र रचा, जिसकी परतें अब एक-एक कर उधड़ रही हैं।

शातिर भू-माफिया मोनीश हसन ने पहले परिवार की बेटी शिल्पी त्रिपाठी को जाल में फंसाकर बिना स्पेशल मैरिज एक्ट के अवैध निकाह व जबरन धर्म परिवर्तन कराया और फिर शुरू हुआ एक ऐसा खौफनाक षड़यंत्र, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, सभी पुरूषों की मौतों के बाद परिवार दुखों के पहाड़ से उबर भी नहीं पाया था कि परिवार की सम्पत्तियों को सम्पत्तियों को हड़पने का ऐसा कुचक्र रचा जिसने परिवार के सभी पुरूषों की स्वभाविक मौतों पर भी संदेह पैदा कर दिया।

वर्ष 2014 में परिवार की बेटी शिल्पी त्रिपाठी को प्रेमजाल में फंसाकर निकाह करने के बाद मोनिश हसन की परिवार में दाखिल होते ही त्रिपाठी परिवार पर मौतों का साया मंडराने लगा और वर्ष 2019 से लेकर 2025 तक हुयी सभी पुरूषों की मौत को स्वाभाविक मान रहा था, लेकिन सभी पुरूषों की मौतों के बाद मोनिश हसन ने परिवार में बची विधवा महिलाओं के साथ एकाएक प्रताड़ित कर सम्पत्ति हड़पने को हड़पने का जो कुचक्र रचा, जिससे परिवार को अहसास होने लगा है कि एक-एक कर घर के सभी पुरुष सदस्यों की मौत कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि संपत्ति हड़पने के लिए रची गई एक गहरी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है। पुरुषों के खात्मे के बाद असहाय बची महिलाओं पर मोनीश हसन और उसके गुर्गों (जावेद, फहाद, शाहबाज, गुड्डू) ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया।

यही नहीं बल्कि शारीरिक शोषण, मासूम बेटी को बंधक बनाना व ब्लैकमेलिंग का नंगा नाच ने पीड़िता के पति मनीष त्रिपाठी की चिता की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि मोनीश हसन का असली खौफनाक चेहरा सामने आ गया। जब मोनीश हसन ने विधवा निहारिका त्रिपाठी पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने और धर्म परिवर्तन कर शादी करने का कुत्सित प्रयास किया और विरोध करने पर 8 साल की मासूम बच्ची को बंधक बनाकर जान से मारने की सीधी धमकी दी गई।

मोनिश की प्रताड़ना यहीं तक नहीं रूकी बल्कि पीड़िता का फोन, लैपटॉप छीनकर निजी फोटो-वीडियो चुराए गए और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया। इसी खौफ के साये में पति की मौत के महज 19वें दिन नरही व राणा प्रताप मार्ग की करोड़ों की संपत्तियों की गिफ्ट डीड जबरन ऐंठ ली गई, जिसमें इस्लाम अली गवाह बना।

जिसे अपराधिक प्रवृति का व्यक्ति बताया जा रहा है। संपत्ति हड़पने की हवस में मोनीश हसन ने 3 फरवरी को विधिक फर्जीवाड़े की सारी सीमाएं लांघ दीं जब अपनी वृद्धा व असहाय सास श्रीमती गीता त्रिपाठी को ब्लैकमेल व गुमराह करके, बिना-मालिकाना हक वाली संपत्ति की गिफ्ट डीड अपनी पत्नी शिल्पी त्रिपाठी उर्फ अर्शी हसन के नाम दर्ज करा ली।

शून्य विधिक स्वामित्व जिस अनरजिस्टर्ड वसीयत का सहारा लिया गया, उसे रजिस्ट्री विभाग पहले ही मरणोपरान्त कार्यवाही स्थगित कर चुका था। अनरजिस्टर्ड शेयर डिक्लेरेशन का मामला सक्षम न्यायालय में विचाराधीन है। मालिकाना हक तय हुए बिना आनन-फानन में कराई गई यह गिफ्ट डीड कानूनन शून्य और स्वीकृत फ्रॉड है।

आज स्थिति यह है कि पीड़िता निहारिका त्रिपाठी और उनकी 8 साल की मासूम बेटी पर जान-माल का बहुत बड़ा और प्रत्यक्ष खतरा मंडरा रहा है। मोनीश हसन का गिरोह पीड़िता को कभी भी नुकसान पहुँचा सकता है।

Taza Khabar