लखनऊ/मेरठ31जुलाई26*कांवड़ यात्रियों को नशेड़ी बताने वाले शादाब चौहान माफ़ी मांगे :विनीत शारदा*
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👉*सनातन आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं*
*लखनऊ/मेरठ।* कांवड़ यात्रा और कांवड़ियों को लेकर एआईएमआईएम प्रवक्ता शादाब चौहान द्वारा कथित रूप से दिए गए विवादित बयान पर भारतीय जनता पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों हिन्दू-श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन धर्म की पवित्र कांवड़ यात्रा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना न केवल करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का अपमान है, बल्कि भारत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति भी असम्मान दर्शाता है।
विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि कांवड़िया भगवान शिव जी के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था के साथ गंगोत्री, हरिद्वार , से गंगाजल तथा अन्य पवित्र तीर्थों से जल लेकर कठिन यात्रा करते हैं। वे कई दिनों तक पैदल चलकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं।
ऐसे हिन्दू श्रद्धालुओं को नशेड़ी कहना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि शादाब चौहान को अपने बयान पर तत्काल सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक परंपराओं और विविधता में एकता से है। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा, तपस्या और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक है। देशभर में लाखों लोग भोले बाबा के भक्त कांवड़ियों की सेवा करते हैं और उनके लिए भोजन, पानी, चिकित्सा तथा विश्राम की व्यवस्था करते हैं।
ऐसे में कांवड़ियों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना समाज में वैमनस्य पैदा करने वाला कृत्य है।
विनीत शारदा ने एआईएमआईएम नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले विवादित बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भाई द्वारा पूर्व में दिए गए विवादित बयानों का भी देश ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि देश के संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं है तथा किसी भी व्यक्ति या संगठन को धार्मिक भावनाओं को आहत करने अथवा समाज में तनाव पैदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा, “मैं एआईएमआईएम के मुखिया से कहना चाहता हूं कि वे अपने प्रवक्ता के बयान का संज्ञान लें और भगवान शिव जी के भक्त कांवड़ियों को नशेड़ी कहा है तो उन्हें अपनी पार्टी से बाहर करें तथा सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाएं।”
विनीत शारदा ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा मार्ग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कुछ मार्गों पर अस्थायी व्यवस्थाएं की जाती हैं।
इसका उद्देश्य किसी वर्ग को परेशान करना नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना होता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कांवड़ यात्रा के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन व्यापक व्यवस्थाएं करता है, उसी प्रकार सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति यह कहता है कि कांवड़ यात्रा के कारण रास्ते बंद होने से परेशानी होती है, तो उसे यह भी समझना चाहिए कि भारत में सभी धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के अनुसार व्यवस्थाएं करता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता के साथ-साथ दूसरों की धार्मिक आस्था का सम्मान करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि “एक समय था जब इस देश पर तुर्कों का शासन था, मुगलों का शासन था और अंग्रेजों का शासन था।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी देश में कांग्रेस का शासन था उस समय सनातन की आस्था और परंपराओं को दबाने का प्रयास किया गया। लेकिन आज देश लोकतांत्रिक व्यवस्था में है और भगवान श्रीराम की मर्यादा तथा रामराज्य की अवधारणा से प्रेरित होकर भारत आगे बढ़ रहा है। अब किसी भी कीमत पर सनातन आस्था का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ विकास हो रहा है। ऐसे वातावरण में किसी भी धर्म, समुदाय या श्रद्धालु के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग देश की सामाजिक एकता के लिए उचित नहीं है।
विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि “भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी धार्मिक आस्था का पालन करने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन यही संविधान किसी को दूसरे धर्म की आस्था का अपमान करने की छूट नहीं देता।”
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन से भी मांग की कि यदि शादाब चौहान के बयान में कानून-व्यवस्था अथवा धार्मिक भावनाओं को आहत करने संबंधी कोई अपराध बनता है तो उसका विधि सम्मत संज्ञान लिया जाए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी राजनीतिक विचारधारा के लिए करोड़ों हिन्दू श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि भगवान शिव के भक्त कांवड़िए हमारी आस्था और सनातन संस्कृति के वाहक हैं।
वे कठिन परिस्थितियों में भी भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा के साथ यात्रा करते हैं। उनका सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है।
उन्होंने एक बार फिर एआईएमआईएम नेतृत्व से मांग की कि वह अपने प्रवक्ता के बयान पर तत्काल स्पष्टीकरण दे, विवादित टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और भविष्य में धार्मिक आस्थाओं के प्रति संयमित एवं जिम्मेदार भाषा का प्रयोग सुनिश्चित करे।

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