January 24, 2026

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लखनऊ 15दिसम्बर 25*50,000 का इनामी माओवादी नेता वाराणसी से गिरफ्तार, 13 साल से था फरार, नाम बदलकर रह रहा था*

लखनऊ 15दिसम्बर 25*50,000 का इनामी माओवादी नेता वाराणसी से गिरफ्तार, 13 साल से था फरार, नाम बदलकर रह रहा था*

लखनऊ 15दिसम्बर 25*50,000 का इनामी माओवादी नेता वाराणसी से गिरफ्तार, 13 साल से था फरार, नाम बदलकर रह रहा था*

*लखनऊ :* UP ATS ने 50,000 के इनामी माओवादी नेता को गिरफ्तार किया है. माओवादी नेता सीताराम उर्फ विनय 13 साल से फरार था. ATS ने सीताराम को वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है. प्रतिबंधित संगठन सीपीआई माओवादी का यह प्रमुख सदस्य था और बलिया में ग्राम प्रधान की पत्नी की हत्या सहित कई जघन्य नक्सली वारदातों में वांछित था.
गिरफ्तार नक्सली सीताराम उर्फ ओमप्रकाश उर्फ धनु मुड़ियारी, थाना मनियर, जिला बलिया, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है. ATS को काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि नक्सली लगातार भेष और नाम बदलकर अलग-अलग राज्यों में छिपा हुआ है. सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से सोमवार को ATS ने गिरफ्तार कर लिया.
ATS की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि गिरफ्तार सीताराम का नक्सली संगठन में लंबा इतिहास रहा है. सीताराम ने 1986 में घर छोड़ दिया और माले माओवादी विचारधारा से जुड़ गया. 1990 में वह 20 सीसी सेंट्रल कमेटी का जोनल सेक्रेटरी बन गया. 21 सितंबर 2004 को एमसीसी माओइस्ट कम्युनिस्ट सेंटर और पीडब्लूजी पीपुल्स वार ग्रुप के विलय के बाद सीपीआई माओवादी पार्टी बनने वाली बैठक में भी सीताराम शामिल हुआ था. उसे जन आंदोलन और सीपीआई माओवादी के विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

बलिया में ग्राम प्रधान की पत्नी की हत्या का आरोपी : 2012 में सीताराम ने अपने साथियों के साथ मिलकर बलिया के सहतवार थानाक्षेत्र के अतरडरिया गांव के ग्राम प्रधान मुसाफिर चौहान की पत्नी फूलमति की हत्या कर दी थी. सीताराम को शक था की ग्राम प्रधान पुलिस का मुखबिर है. मामले में बलिया में मुकद्दमा दर्ज किया गया था, जिसमें सीताराम पर 50,000 का पुरस्कार घोषित किया गया था.
2023 में 15 अगस्त को सीताराम अपनी टीम के अन्य प्रमुख सदस्यों के साथ मीटिंग कर रहा था, तब उसके सभी साथी गिरफ्तार कर लिए गए थे और उनके पास से नक्सल साहित्य व असलहा बरामद हुआ था, लेकिन सीताराम तब फरार हो गया था. इसके अलावा, सीताराम के खिलाफ मुजफ्फरपुर, बांका और सीतामढ़ी में भी बैंक डकैती, हत्या, मारपीट और अवैध असलहा रखने जैसे कई जघन्य मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें वह फरार चल रहा था.

Taza Khabar