October 8, 2026

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बांदा8 अक्टूबर 26*ऐतिहासिक नवदुर्गा महोत्सव की तैयारियां तेज:,  डीएम को सौंपा 16 सूत्रीय ज्ञापन,

बांदा8 अक्टूबर 26*ऐतिहासिक नवदुर्गा महोत्सव की तैयारियां तेज:,  डीएम को सौंपा 16 सूत्रीय ज्ञापन,

बांदा8 अक्टूबर 26*ऐतिहासिक नवदुर्गा महोत्सव की तैयारियां तेज:,  डीएम को सौंपा 16 सूत्रीय ज्ञापन,

सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग

​यूपीआजतक बांदा से ब्यूरो सुनैना निषाद की विशेष रिपोर्ट

​बांदा। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले बांदा के प्रसिद्ध शारदीय नवदुर्गा महोत्सव को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन तक चलने वाले इस 10 दिवसीय महापर्व को लेकर बांदा केंद्रीय पूजा महोत्सव समिति पूरी तरह सक्रिय हो गई है। समिति के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को 16 सूत्रीय मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में प्रशासन से समय रहते सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्थाएं और विसर्जन घाट पर पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की गई है।

​ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व समिति के प्रमुख संरक्षक व पूर्व विधायक राजकुमार शिवहरे, अध्यक्ष अमित सेठ भोलू तथा महामंत्री कल्लू सिंह राजपूत ने संयुक्त रूप से किया। पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि बांदा का नवदुर्गा महोत्सव समूचे बुंदेलखंड में अपनी अनूठी छटा, अपार जनसमूह और भव्य प्रतिमाओं के लिए विख्यात है। महोत्सव के दौरान दूर-दराज के जनपदों और ग्रामीण क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए शहर में आते हैं। ऐसे में प्रशासन को समय रहते व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी होंगी, ताकि श्रद्धालुओं, मंदिर समितियों और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

​प्रमुख मंदिर और पूजा पंडालों की सुरक्षा व स्वच्छता पर जोर

​समिति ने ज्ञापन के जरिए अवगत कराया कि नवरात्रि की प्रतिपदा यानी 11 अक्टूबर से ही नगर के सिद्ध देवी मंदिरों, जैसे महेश्वरी देवी मंदिर, काली देवी मंदिर, वामदेवेश्वर मंदिर परिसर सहित गली-मोहल्लों में स्थापित होने वाले सैकड़ों पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं का भारी तांता लगना शुरू हो जाता है। समिति ने मांग की है कि:

  • ​शहर के सभी देवी मंदिरों, मुख्य पूजा पंडालों और पहुंच मार्गों पर दिन-रात नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए।
  • ​सभी संवेदनशील स्थानों और पंडालों के आसपास सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित हो।
  • ​नवरात्रि के दिनों में भोर में लगभग 3 बजे से ही बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और बुजुर्ग जल चढ़ाने एवं दर्शन करने मंदिरों में पहुंचते हैं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए महिला पुलिस कर्मियों और विशेष गश्ती दल (एंटी रोमियो स्क्वाड व पीसीआर) की 24 घंटे तैनाती की जाए।

​बिजली, जलापूर्ति और जर्जर तारों की मरम्मत

​त्योहार के दौरान निर्बाध नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर समिति ने विद्युत विभाग और जल संस्थान की भूमिका पर विशेष ध्यान आकर्षित किया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि:

  • ​नवरात्रि के पूरे 10 दिनों तक शहर में अघोषित बिजली कटौती पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
  • ​मुख्य मार्गों, गलियों और विसर्जन मार्गों पर झूल रहे बिजली के जर्जर और नंगे तारों को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि शोभायात्राओं और विसर्जन के दौरान किसी बड़ी अनहोनी या दुर्घटना की आशंका न रहे।
  • ​शहर में सुबह और शाम के समय पर्याप्त दबाव के साथ निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे पूजा-अर्चना और पंडालों की व्यवस्था में जल संकट न पैदा हो।

​विसर्जन मार्ग, केन नदी घाट और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

​20 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विशाल विसर्जन जुलूस को लेकर समिति ने विशेष प्रबंध करने की मांग रखी। बांदा में विसर्जन का दृश्य अत्यंत विराट होता है, जहां सैकड़ों छोटी-बड़ी प्रतिमाएं केन नदी घाट तक पहुंचती हैं। इस संबंध में समिति ने प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • ​शहर से लेकर केन नदी विसर्जन घाट तक के पूरे मार्ग को युद्धस्तर पर गड्ढा मुक्त और अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
  • ​केन नदी विसर्जन घाट पर समतलीकरण, पक्की बैरिकेडिंग और पर्याप्त हाई-मास्ट व सोडियम रोड लाइटों की व्यवस्था की जाए।
  • ​विसर्जन स्थल पर दलदल और गहरे पानी के खतरे को देखते हुए जल पुलिस, प्रशिक्षित गोताखोर, मोटर बोट और स्टीमर हर समय मुस्तैद रखे जाएं।
  • ​भारी और विशालकाय प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए कम से कम दो बड़ी हाइड्रा क्रेन मशीनों की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाए।
  • ​समितियों की सुविधा के लिए नदी किनारे पर्याप्त संख्या में नावों, रस्सियों और हाथ ठेलों का इंतजाम भी सुनिश्चित हो।

​यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य शिविर और मांस-मदिरा की दुकानों पर प्रतिबंध

​त्योहार के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा न जाए, इसके लिए समिति ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने का सुझाव दिया है। प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती, शहर के भीतर भारी वाहनों (नो-एंट्री) के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध और वैकल्पिक पार्किंग स्थलों के निर्माण की बात कही गई है। इसके साथ ही, आपातकालीन चिकित्सा सेवा के लिए मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले मंदिरों के बाहर 24 घंटे एंबुलेंस व स्वास्थ्य कैंप लगाने की मांग भी शामिल है।

​धार्मिक आस्था और पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से समिति ने जिलाधिकारी से यह भी मांग की कि नवरात्रि के पावन 10 दिनों तक शहर की सभी मांस, मछली और मदिरा की दुकानों को पूर्णतया बंद रखा जाए, विशेषकर उन मार्गों पर जहां से श्रद्धालुओं का आवागमन और विसर्जन जुलूस गुजरता है।

​ज्ञापन सौंपने के दौरान केंद्रीय पूजा महोत्सव समिति के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों के संयोजक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की सभी 16 मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सभी संबंधित विभागों—नगर पालिका, विद्युत विभाग, पीडब्ल्यूडी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग—के साथ समन्वय बैठक कर समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी, ताकि महोत्सव शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हो सके।

Taza Khabar