November 1, 2026

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बांदा 1 नवंबर 26*डॉ पवन विश्वकर्मा शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ सौजन्य से विश्वकर्मा केयर सेंटर अतर्रा में स्वर्ण प्राशन स्वास्थ्य शिविर संपन्न*

बांदा 1 नवंबर 26*डॉ पवन विश्वकर्मा शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ सौजन्य से विश्वकर्मा केयर सेंटर अतर्रा में स्वर्ण प्राशन स्वास्थ्य शिविर संपन्न*

बांदा 1 नवंबर 26*डॉ पवन विश्वकर्मा शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ सौजन्य से विश्वकर्मा केयर सेंटर अतर्रा में स्वर्ण प्राशन स्वास्थ्य शिविर संपन्न*

**400 बच्चों ने ग्रहण की स्वर्ण प्राशन की बूंदें, बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता पर दिया जोर*

बांदा -अतर्रा ।* विश्वकर्मा क्लीनिक, अतर्रा में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वर्ण प्राशन स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 300 बच्चों को स्वर्ण प्राशन की बूंदें पिलाई गईं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

शिविर का शुभारंभ आयुर्वेदिक कॉलेज, अतर्रा की प्रधानाचार्य डा. सुमन यादव ने भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अभिभावकों को उपयोगी सुझाव देते हुए कहा कि बच्चों के समुचित विकास के लिए पौष्टिक आहार, साफ-सफाई, पर्याप्त नींद और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार रहने की अपील की।

कार्यक्रम में डा. पवन विश्वकर्मा शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ ने स्वस्थ समाज की स्थापना का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य परिवार और समाज दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना समय की आवश्यकता है। ऐसे आयोजनों से अभिभावकों को बच्चों की देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को समझने का अवसर मिलता है।

इस अवसर पर अतर्रा पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डा. प्रमोद विश्वकर्मा ने लोगों से स्वास्थ्य जागरूकता शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उनके स्वास्थ्य, पोषण और नियमित देखभाल को प्राथमिकता देना जरूरी है।

डा. अनिल शर्मा ने स्वर्ण प्राशन को आयुर्वेद की पारंपरिक पद्धति बताते हुए बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के समुचित विकास के लिए उचित पोषण, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और संतुलित दिनचर्या का विशेष महत्व है। अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी निर्णय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।

शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों एवं उनके अभिभावकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में डा. प्रगति शर्मा ने शिविर का समापन करते हुए उपस्थित अतिथियों, चिकित्सकों, सहयोगियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया
कार्यक्रम का संचालन धीरेंद्र विश्वकर्मा ने किया ।

यूपीआजतक बांदा से ब्यूरो सुनैना निषाद की रिपोर्ट

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