February 24, 2026

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पूर्णिया 22 फ़रवरी 26*“डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम अंतर्गत छात्र छात्राओं ने पोस्टर के जरिए डायरिया के रोकथाम का दिया गया संदेश

पूर्णिया 22 फ़रवरी 26*“डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम अंतर्गत छात्र छात्राओं ने पोस्टर के जरिए डायरिया के रोकथाम का दिया गया संदेश

पूर्णिया 22 फ़रवरी 26*“डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम अंतर्गत छात्र छात्राओं ने पोस्टर के जरिए डायरिया के रोकथाम का दिया गया संदेश

-डायरिया ग्रसित पाए जाने वाले मरीजों की समय पर पहचान करते हुए आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की दी गई जानकारी
-स्वास्थ्य कर्मियों एवं समुदाय के सहयोग से ही डायरिया जैसी बीमारी पर नियंत्रण संभव

पूर्णिया, 23 फरवरी

जिले के +2 उच्च विद्यालय मरंगा में सोमवार को जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के तहत पीएसआई इंडिया और केन्वयू के सहयोग से पोस्टर, स्पीच और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 55 बच्चों ने भाग लिया जिसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर बच्चों में होने वाले डायरिया प्रबंधन, साफ सफाई का संदेश समुदाय स्तर तक पहुँचाते हुए लोगों को जागरूक करना और डायरिया की पहचान करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बच्चों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराते हुए डायरिया से होने वाली मृत्यु को रोकना रहा। आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रधानाचार्य प्रभारी नूतन तनुजा ने किया। इस अवसर पर स्कूल के सभी शिक्षक, स्थानीय आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ साथ पीएसआई इंडिया के जिला प्रोग्राम मैनेजर पंकज कुमार राय, एफपीसी अस्मिता कुमारी और सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

डायरिया ग्रसित पाए जाने वाले मरीजों की समय पर पहचान करते हुए आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की दी गई जानकारी :

कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों को क्षेत्र में डायरिया ग्रसित पाए जाने वाले मरीजों की पहचान करते हुए समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्थानीय आशा लीला कुमारी और आंगनवाड़ी सेविका बबीता देवी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को क्षेत्र में डायरिया ग्रसित पाए जाने वाले मरीजों को ओआरएस (ORS) एवं जिंक टैबलेट के सही उपयोग, डायरिया की पहचान, समय पर रेफरल, स्वच्छता एवं साफ पानी के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों को बताया गया कि डायरिया की स्थिति में तुरंत ओआरएस घोल देना एवं 14 दिनों तक जिंक का खुराक देना अत्यंत आवश्यक है। इससे ग्रसित मरीजों का समय पर आवश्यक उपचार हो सकेगा और लोग डायरिया से स्वस्थ्य और सुरक्षित रह सकेंगे।

स्वास्थ्य कर्मियों एवं समुदाय के सहयोग से ही डायरिया जैसी बीमारी पर नियंत्रण संभव :

पीएसआई के जिला प्रोग्राम मैनेजर पंकज कुमार राय ने कहा कि बच्चों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में डायरिया जैसी बीमारियों पर सामाजिक जागरूकता के माध्यम से प्रभावी नियंत्रण संभव है। इसके लिए डायरिया प्रबंधन एवं रोकथाम के बारे में आवश्यक जानकारी दी जा सकती है। लोगों द्वारा समय पर डायरिया की पहचान होने और स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार कराने से लोग डायरिया ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकते हैं। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को डायरिया प्रबंधन से संबंधित सूचना सामग्री का भी वितरण किया गया जिसे स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराते हुए डायरिया से सुरक्षित रखा जा सकेगा। जिला प्रोग्राम मैनेजर पंकज कुमार राय ने बताया कि प्रखंड शिक्षा अधिकारी के दिए गए निर्देश के अनुसार पूर्णिया सदर के 05 चिन्हित स्कूलों में डायरिया जागरूक हेतु बच्चों को जागरूकता अभियान का आयोजन करते हुए बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रहने के लिए ध्यान रखने वाले सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।

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