नई दिल्ली3जुलाई26*दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में एक्सपायरी फूड सिंडिकेट का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड सहित 7 गिरफ्तार_*
*नई दिल्ली:* राजधानी दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक्सपायरी फूड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने ओखला थाना इलाके की एक फैक्ट्री पर अचानक छापेमारी की. जांच में पता चला कि इस अवैध फैक्ट्री के अंदर नामी ब्रांड्स के एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों की अंतिम तिथि को मिटाकर उसे आगे बढ़ाने का अवैध काम चल रहा था.
पुलिस ने इस दौरान 57 से अधिक विभिन्न फूड प्रोडक्ट्स बरामद किए हैं और गिरोह के मुख्य सरगना सहित कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दर्शन सिंह सचदेवा, नितेश भारद्वाज, नरेंद्र कुमार, कपिल, लकी, प्रेम और पवन के रूप में हुई है. फिलहाल, ओखला औद्योगिक थाना क्षेत्र की टीम ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
*दिल्ली में एक्सपायरी फूड सिंडिकेट का भंडाफोड़:*
साउथ ईस्ट के डीसीपी डॉक्टर हेमंत तिवारी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 1 जुलाई को NHRC को ओखला फेज-2 की एक फैक्ट्री में बाल मजदूरी कराए जाने की गुप्त सूचना मिली थी. इसी सुचना के आधार पर 2 जुलाई को जब दिल्ली पुलिस और एनएचआरसी की संयुक्त टीम मौके पर रेड करने पहुंची, तो वहां कोई बाल मजदूर तो नहीं मिला, लेकिन फैक्ट्री के अंदर चल रहा एक बड़ा गोरखधंधा उजागर हो गया. टीम ने देखा कि वहां भारी मात्रा में खाद्य उत्पादों पर थिनर का इस्तेमाल कर पुरानी एक्सपायरी डेट को मिटाया जा रहा था और मशीनों से नया एक्सपायरी लेबल छापा जा रहा था.
*मुनाफे के लिए सेहत से खिलवाड़:*
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जिला प्रशासन और फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट (खाद्य एवं आपूर्ति विभाग) को मौके पर बुलाया गया. जांच में सामने आया कि इस पूरे काले कारोबार का मास्टरमाइंड दर्शन सिंह सचदेवा है, जो पिछले 17 सालों से इस कंपनी को चला रहा था. इससे पहले उसका बेटा इस कंपनी का संचालक था, जो अब इस दुनिया में नहीं है. पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह बाजार से उन फूड प्रोडक्ट्स को एक्सपायरी डेट खत्म होने से ठीक एक-दो महीने पहले कौड़ियों के दाम (सस्ते दामों) पर खरीद लेता था, जिन्हें कंपनियां वापस ले लेती है. इसके बाद फैक्ट्री में इनकी एक्सपायरी डेट को फर्जी तरीके से बढ़ाकर मार्केट और एक्सपोर्ट के जरिए ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था.
*टाटा साल्ट, मैगी सहित लाखों का माल जब्त:*
डीसीपी डॉक्टर हेमंत तिवारी ने आगे बताया कि इस पूरे मामले में 57 से अधिक फूड प्रोडक्ट पुलिस ने बरामद किया है, जिनकी बाजार में कीमत तकरीबन 30 से 35 लाख के करीब है. बरामद सामानों में नामी ब्रांड्स के उत्पाद शामिल हैं, जिनमें टाटा साल्ट के 60 कार्टन, मैगी मसाला नूडल्स के 250 कार्टन, मैगी केचप के 60 कार्टन के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के ड्राई फ्रूट्स और कोल्ड ड्रिंक्स के लगभग 360 कार्टन शामिल हैं. पुलिस ने इन सभी हानिकारक और असुरक्षित खाद्य प्रोडक्ट्स को अपने कब्जे में ले लिया है.

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