गाजियाबाद20जुलाई2026*‘अजर नीरज-अमर नीरज’ राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में गूंजे महाकवि नीरज के अमर गीत

गाजियाबाद*“कारवां गुजर गया, गुबार देखते रहे” जैसे कालजयी गीतों के रचनाकार महाकवि गोपाल दास नीरज की स्मृति में गाजियाबाद का हिंदी भवन शनिवार को साहित्य, गीत और कविताओं से सराबोर हो गया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से नीरज जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
हिंदी भवन में हुआ भव्य आयोजन

गाजियाबाद। मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति एवं महाकवि गोपाल दास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से शनिवार को लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में महाकवि गोपाल दास नीरज की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर ‘अजर नीरज-अमर नीरज’ राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी साहित्य के महान गीतकार और कवि गोपाल दास नीरज के साहित्यिक योगदान को याद करना तथा उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नीरज जी केवल एक कवि या गीतकार नहीं थे, बल्कि वे जनभावनाओं को सरल और प्रभावशाली शब्दों में अभिव्यक्त करने वाले युगदृष्टा साहित्यकार थे।
कवियों ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों और साहित्यकारों ने गीत, गजल, मुक्तक, हास्य-व्यंग्य तथा वीर और श्रृंगार रस की कविताएं प्रस्तुत कीं। कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने हिंदी भवन में उपस्थित श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। कहीं देशभक्ति की भावना दिखाई दी तो कहीं सामाजिक विसंगतियों पर तीखा व्यंग्य किया गया। प्रेम, मानवीय संवेदनाओं और जीवन दर्शन पर आधारित रचनाओं ने भी दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की।

महाकवि नीरज की प्रसिद्ध रचनाओं और उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनकी कविताओं में प्रेम, पीड़ा, संघर्ष, आशा और मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत संगम मिलता है। उनकी भाषा सरल होने के बावजूद भावनात्मक रूप से अत्यंत गहरी थी। यही कारण है कि उनकी रचनाएं आज भी हर आयु वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय हैं।
साहित्य और पत्रकारिता का साझा मंच

आयोजकों ने कहा कि मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति पत्रकारों के हितों की रक्षा के साथ सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी निरंतर प्रोत्साहित करती रही है। महाकवि गोपाल दास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस कवि सम्मेलन ने साहित्य और पत्रकारिता के बीच मजबूत संबंध को भी सामने रखा।

कार्यक्रम के दौरान महाकवि नीरज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित अतिथियों ने नीरज जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें हिंदी साहित्य का अमूल्य रत्न बताया। वक्ताओं ने कहा कि नीरज जी के गीतों ने साहित्य के साथ-साथ हिंदी सिनेमा को भी समृद्ध किया। उनके लिखे फिल्मी गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
नई पीढ़ी तक पहुंचे नीरज का साहित्य
आयोजकों ने युवाओं से महाकवि नीरज की रचनाओं को पढ़ने और उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा से जुड़ने का अवसर मिलता है। कवि सम्मेलन में उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे महाकवि नीरज को सच्ची और भावपूर्ण श्रद्धांजलि बताया।
कार्यक्रम का समापन महाकवि नीरज की स्मृतियों को नमन करने तथा हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार का संकल्प लेने के साथ हुआ।

More Stories
अबोहर पंजाब20जुलाई26*डीएसपी कमांड सैंटर फाजिल्का सतिंद्र कुमार बने एस.पी.
लखनऊ20जुलाई26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर रात 10 बजे की बड़ी खबरें……………….*
पूर्णिया बिहार 20 जुलाई 26 *एसपी ने किया कोहाट और सदर थाना का औचक निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश*