September 16, 2026

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लखनऊ16 सितंबर 26*पारा में आधी रात के बाद 'माफिया राज': उड़ाई जा रही हैं सीएम योगी के आदेशों की धज्जियां*

लखनऊ16 सितंबर 26*पारा में आधी रात के बाद ‘माफिया राज’: उड़ाई जा रही हैं सीएम योगी के आदेशों की धज्जियां*

*लखनऊ ब्रेकिंग*

लखनऊ16 सितंबर 26*पारा में आधी रात के बाद ‘माफिया राज’: उड़ाई जा रही हैं सीएम योगी के आदेशों की धज्जियां*

*लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा क्षेत्र में रात के 12 बजते ही एक अलग ही खेल शुरू हो जाता है। एक तरफ जहां सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध खनन और भू-माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का कड़ा निर्देश देते हैं,*

*वहीं जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। पारा इलाके में प्रतिबंधित समय के बाद धड़ल्ले से अवैध खनन का काला कारोबार फल-फूल रहा है।खनन विभाग के कानों पर नहीं रेंग रही जूंस्थानीय सूत्रों के अनुसार, जैसे ही रात की घड़ी में 12 बजते हैं, पारा क्षेत्र में डंपरों और खनन माफियाओं की सक्रियता अचानक बढ़ जाती है। जिम्मेदार खनन विभाग पूरी तरह से कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।*

*कई बार शिकायतों के बावजूद विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।क्षेत्रीय पुलिस की रहस्यमयी खामोशीहैरानी की बात यह है कि जिस पारा क्षेत्र में रातभर अवैध खनन की गाड़ियां फर्राटा भरती हैं, वहां की क्षेत्रीय पुलिस सब कुछ जानकर भी अनजान बनी बैठी है। पुलिस की यह ‘रहस्यमयी खामोशी’ सीधे तौर पर उनके कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है।*

*रक्षक ही जब मौन धारण कर लें, तो अवैध कारोबारियों को खुली छूट मिलना लाजमी है।मुख्यमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे जिम्मेदार अधिकारीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर वीसी और बैठकों में अवैध खनन को लेकर सख्त रुख अपनाते हैं और अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हैं। लेकिन राजधानी लखनऊ की नाक के नीचे पारा में हो रहा यह खेल साफ बयां करता है कि स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से मुख्यमंत्री के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।शासन-प्रशासन की इस लापरवाही से न सिर्फ राजस्व को भारी चूना लग रहा है,*

*बल्कि रात के समय अवैध रूप से दौड़ने वाले ओवरलोड वाहनों के कारण स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है और हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। अब देखना यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद शासन स्तर से इन लापरवाह अधिकारियों और खनन माफियाओं पर क्या कार्रवाई की जाती है।*

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