अयोध्या 25नवम्बर 25*नगर पालिका परिषद रुदौली में आधे कार्यकाल में भी नहीं हुई बजट बैठक*
*28 नवंबर को बुलाई गई बैठक पर उठे सवाल, सभासदों की व्यस्तता को बनाया जा रहा ढाल*
रियाज़ अंसारी एडवोकेट✍️
रुदौली(अयोध्या)नगर पालिका परिषद रुदौली के मौजूदा बोर्ड का आधे से अधिक कार्यकाल गुज़र जाने के बावजूद अब तक एक भी बजट बैठक न होना नगरवासियों में गंभीर नाराज़गी और अविश्वास का कारण बन गया है आम तौर पर हर वित्तीय वर्ष में बजट बैठक अनिवार्य होती है ताकि विकास कार्यों व्यय और योजनाओं की पारदर्शी समीक्षा हो सके लेकिन वर्तमान बोर्ड में ऐसी कोई बैठक न होने से पालिका की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं इस बीच नगर पालिका अध्यक्ष जब्बार अली और अधिशासी अधिकारी (ईओ) प्रेम नाथ द्वारा 28 नवंबर को बजट बैठक बुलाए जाने की घोषणा ने नया विवाद खड़ा कर दिया है स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समय सभी सभासद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में पूरी तरह व्यस्त हैं वार्ड-वार्ड जाकर मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में लगे हुए हैं ऐसे समय में बजट बैठक बुलाए जाने को लोग सोची-समझी रणनीति बता रहे हैं।
*करोड़ों के कार्य सवालों के घेरे में समीक्षा अब तक नहीं*
पालिका क्षेत्र में पिछले हुए कई बड़े कार्यों और करोड़ों के खर्चों की अब तक न तो बोर्ड समीक्षा हो सकी और न ही उससे जुड़े दस्तावेज़ सभासदों के सामने प्रस्तुत किए गए बजट बैठक न होने से कार्यों की गुणवत्ता पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन पर गंभीर संदेह बना हुआ है लोगों का कहना है कि जब सभासद SIR में उलझे हुए हैं, तब इस तरह अचानक बैठक बुलाकर अध्यक्ष व ईओ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी को तैयारी का समय न मिले और बजट पर विस्तार से सवाल न उठाए जा सकें
*पूर्व सभासद डॉ. अमीर अब्बास राजू ने लगाया गंभीर आरोप*
पूर्व सभासद डॉ. अमीर अब्बास राजू ने आरोप लगाया कि 28 नवंबर की बैठक पूरी तरह रणनीति के तहत रखी गई है उनका कहना है कि बैठक के लिए 28 नवंबर (जुमा) का दिन चुनना और समय 11 बजे रखना मुस्लिम सभासदों की उपस्थिति और तैयारी को प्रभावित कर सकता है SIR प्रक्रिया के चलते सभासद सुबह से शाम तक व्यस्त हैं ऐसे में बजट जैसे गंभीर मुद्दे पर विस्तृत चर्चा संभव ही नहीं है उन्होंने यह आशंका जताई गई कि कम तैयारी का लाभ उठाकर अध्यक्ष व ईओ संभावित अनियमितताओं मनमाने खर्चों और भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल सकते हैं डॉ. राजू ने मांग की है कि बैठक की तिथि 28 नवंबर से बढ़ाकर 4 दिसंबर के बाद रखी जाए ताकि SIR समाप्त होने के बाद सभी सभासद पूरी तैयारी के साथ बजट का अध्ययन कर सकें।
*स्थानीय नागरिक भी चिंतित, पारदर्शिता को बताया ज़रूरी*
स्थानीय नागरिक शफ़ीक़ ख़ान व अफ़ज़ल अंसारी का कहना है कि नगर की विकास योजनाएँ प्रस्तावित कार्य और राजस्व का उपयोग सीधे तौर पर जनता से जुड़ा होता है इसलिए बजट बैठक पारदर्शी हो सभासद पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित हों और हर मद पर खुलकर सवाल-जवाब हो सभी खर्चों का ब्यौरा साफ तरीके से रखा जाए यह आवश्यक है लोगों का आरोप है कि आधे कार्यकाल में बजट बैठक न होना ही इस बात का संकेत है कि कुछ न कुछ छुपाया जा रहा है।
*क्या पालिका प्रशासन बदलेगा तारीख*
अब निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिक गई हैं देखना यह है कि क्या अध्यक्ष एवं ईओ सभासदों की व्यस्तता को देखते हुए बैठक की तिथि आगे बढ़ाते हैं या पूर्व निर्धारित 28 नवंबर को ही बैठक कराकर विवाद को और बढ़ावा देते हैं नगरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार बजट बैठक औपचारिकता न बनकर वास्तविक चर्चा का मंच बने जहाँ विकास योजनाओं से लेकर खर्चों तक हर पहलू का ईमानदार आकलन हो सके

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