हरिद्वार11अगस्त26*6 करोड़ कांवरियों के जयकारे और प्रशासन की मिसाल बनी व्यवस्था के साथ संपन्न हुआ कांवड़ मेला*
*हरिद्वार*श्रावण मास के अंतिम पड़ाव और महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर सोमवार को हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले 6 करोड़ से अधिक कांवरियों की बम-बम भोले की गूंज से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। जहां एक ओर कांवरिया अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर रहे थे, वहीं नगर के सभी प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रसिद्ध पौराणिक मंदिरों — *बिल्केश्वर महादेव, दक्षेश्वर महादेव, नीलेश्वर महादेव और गौरी-शंकर महादेव* सहित नगर के सभी शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। जलाभिषेक के लिए कई किलोमीटर लंबी लाइनें देखी गईं। “हर हर महादेव” और “बोल बम” के नारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी कतार में घंटों खड़े होकर बाबा का जलाभिषेक कर मनोकामनाएं मांगीं। इस बार के कांवड़ मेले के समापन पर पुलिस और जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। रूट डायवर्जन, ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, सफाई, चिकित्सा शिविर, पेयजल, विद्युत, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं के हर मोर्चे पर चाक-चौबंद इंतजाम रहे।जिलाधिकारी *मयूर दीक्षित* और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक *नवनीत सिंह* की रणनीति और फील्ड में सक्रिय उपस्थिति की साधु-संतों, सामाजिक संस्थाओं और आम जनता ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। अधिकारियों की सूझबूझ से न केवल लाखों कांवरियों को सुव्यवस्थित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाया गया, बल्कि स्थानीय नागरिकों को होने वाली असुविधा को भी न्यूनतम रखा गया। एसएसपी नवनीत सिंह ने स्वयं संवेदनशील स्थानों पर पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, वहीं डीएम मयूर दीक्षित ने कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की। मेले के सकुशल संपन्न होने पर मेले के अंतिम दिन डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ हर की पौड़ी पहुंचे। वहां मां गंगा का विधि-विधान से पूजन किया और गंगाजल लेकर कनखल स्थित *दक्षेश्वर महादेव मंदिर* पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया और मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। पूजन के बाद डीएम ने कहा कि “यह सफलता पूरे प्रशासन, पुलिस बल, स्वास्थ्य कर्मियों, सफाई कर्मियों और आम जनता के सहयोग से संभव हुई है।” एसएसपी ने कहा कि “कांवरियों की आस्था और प्रशासन के समन्वय से इस बार का मेला प्रदेश के लिए रोल मॉडल बनेगा।”
*जनप्रतिनिधियों और संत समाज ने की सराहना*
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल और विभिन्न धार्मिक संस्थाओं ने भी प्रशासन की व्यवस्था को ऐतिहासिक बताया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज तथा राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि इस बार न केवल सुरक्षा बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा जिस कुशलता व सूझ-बुझ से करोड़ की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से सीमित संसाधनों में स्नान करवाया गया तथा जला अभिषेक के लिए रवाना किया गया निश्चित रूप से अगले वर्ष होने वाले कुंभ महापर्व के लिए भी यह एक उदाहरण बनेगा। श्रावण मास का यह मेला अब इतिहास बन गया है, जिसमें आस्था, अनुशासन और प्रशासनिक कुशलता का संगम देखने को मिला। नगरवासी अब अगले वर्ष फिर से इसी भव्यता और शांति के साथ बाबा के दर्शन की प्रतीक्षा करेंगे।

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