बिजनौर04जून25*मौलाना डॉक्टर फुरकान मदनी ने दी सभी देशवासियों को ईद उल अज़हा की मुबारकबाद और कुर्बानी के संबंध में जरूरी हिदायात
बिजनौर। मदरसा माहदुल उलूमिल इस्लामिया व फुरकानिया हायर सेकेंडरी स्कूल चांदपुर रोड बिजनौर के मेनेजर मौलाना डॉक्टर फुरकान मेहरबान अली अल मदनी ने हज और ईद उल अज़हा 2025 की मुबारकबाद देते हुए हज पर गए सभी हाजियों के लिए अल्लाह से उनकी हज कुबूल करने और साथ खैरियत से अपने मुल्क वापस आने की दुआ की। साथ ही मौलाना डॉक्टर फुरकान ने ईद उल अज़हा पर होने वाली कुर्बानी के लिए लोगों से अपील करते हुए कहा कि ईद का त्यौहार हर किसी के लिए खुशी का त्यौहार होता है। अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी करना इस्लाम में बड़ी इबादत है। लेकिन कुर्बानी करते वक्त हमें मुल्क में रहने वाले सभी लोगों का ख्याल रखते हुए कुर्बानी करनी चाहिए। ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे किसी की भी धार्मिक भावना को कोई ठेस पहुंचे। यही हमारे इस्लाम की शान और पहचान है।
अल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया की सच्चा मुसलमान वो है जिसकी ज़बान और हाथ से किसी को भी कोई तकलीफ न पहुंचे।
उन्होंने कहा की सभी को कुर्बानी करते वक्त इन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए
1.कुर्बानी खुले में न की जाए बल्कि इसे परदे में किया जाए।
2. सोशल मीडिया पर कुर्बानी का फोटो और वीडियो हरगिज़ न डालें।
3. कुर्बानी का खून नालियों में ना बहाया जाए।
4. कुर्बानी के अवशेषों को सड़कों के किनारे या आम रास्ते पर ना डाला जाए। कुर्बानी के अवशेषों को सड़कों किनारे फेंकने से जहां एक और कुर्बानी के गोश्त की बेहुरमति होती है तो वही गोश्त के सड़ने से बदबू भी आती है जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं इससे कई बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। इसलिए खून और कुर्बानी के अवशेषों को एक गड्ढा खोदकर दबाया जाए।
5. किसी भी प्रतिबंधित जानवर की कुर्बानी हरगिज़ ना की जाए।
6. सड़कों पर ईद की नमाज़ हरगिज न पढ़ें चाहे मस्जिदों में एक से ज़्यादा मर्तबा नमाज़ पढ़नी पड़े।
7. एक स्थान से दूसरे स्थान पर कुर्बानी का गोश्त ले जाने के लिए पूरी तरह से ढक कर ले जाया जाए।
सभी लोग सरकार की दी गई गाइडलाइन का पालन करते हुए ईद उल अज़हा का त्यौहार अमन और सुकून के साथ मनाएं।
और भाई चारा कायम रखने की पूरी कोशिश करें। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने इस मौके पर जरूरी गाइडलाइन जारी की जिसका पालन करते हुए सभी मुसलमान कानून व्यवस्था बनाएं रखते हुए भाईचारा अमन, चैन के साथ ईद उल अज़हा का त्यौहार मनाएं।

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